कविता · Reading time: 1 minute

अक्सर याद आता है

अक्सर याद आता है
अक्सर याद आता है…..
वो ममतामयी अचपन !
माँ का आँचल ,
बाबुल की डांट..
वो रूठना ..मटकना …
बिन बोले माँ का ..
सब कुछ समझ लेना ..
अक्सर याद आता है…..
स्कूल का पहला दिन ..
सहमे से कदम ..
माँ का समझाना ..
बड़े प्यार से स्कूल के लिए मनाना ..
होमवर्क करते -करते मेरा सो जाना
माँ का बड़े प्यार से उठाना
फिर खाना खिलाना ..
रात -रात भर मेरे जागना
और उनका मेरे साथ जागना …
बड़ा याद आता है !
जब नींद नहीं आती रातों को !
गूँजती है लोरियां कानों में ..
जब भूख से पेट में ..
मरोड़ उठती है
याद आती है वो सजी थालियाँ !
बड़े प्यार से माँ का खिलाना ..
बहुत याद आता है…..
वो जूज़र वक्त ..
जो बीता ही नए वक्त के लिए …
बहुत याद आता है…..
बहुत …..

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मीनू यादव स्नातकोत्तर (हिंदी ) टी.जी. टी .(अध्यापिका ) मेरे लेख और कविताएँ कई अखबार , पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं l
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