कविता · Reading time: 1 minute

“अक्षय वरदान मिले”

अक्षय तृतीया पर,अक्षय वरदान मिले
हो मुरादे पूरी,जीवन में सम्मान मिले।

बाधाओ का विनाश हो,ऐसा वरदान मिले
हो जग बढ़ाई,जगत में पहचान मिले।

पुण्य तिथि हे परमात्मा,अक्षय सुख,शान मिले
लक्ष्य से हो भ्रमित,तब सद्ज्ञान मिले।

भाव हमारे अच्छे हो,हर पल ऊंची उड़ान मिले
अक्ष एक को,जीवन में उच्च स्थान मिले।

शत्रु कोई हो,उसको संज्ञान मिले
न हो कोई ह्रास,ऐसी सद्बुद्धि समान मिले।।
@निल(सागर मध्य प्रदेश)

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