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अंधविश्वास

Sajoo Chaturvedi

Sajoo Chaturvedi

कविता

July 17, 2017

सपेरे साँपो को पालते है ।
बिषैले दाँतो को जो तोड़ते है।
आतंकी अपनो में है खुला घुमता,
निरापराधी प्राणी को जो जकड़ते है.।।.

बीनकी धुनो पे जो नाचते है।
अंधविश्वासी है जो मानते है।
लोगों की नजरों में भोला होता,
मौका पाके विषही उगलता है।।.
सज्जो चतुर्वेदी**********

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