Feb 5, 2021 · दोहे
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अंधविश्वास

दोहा

युग वैज्ञानिक है भले, हुआ न जड़ता नाश।
बना हुआ है आज भी, वही अंधविश्वास।। 1

पढ़े-लिखे भी जा रहे, ढोंगी के दरबार।
चढ़ा रहे आशीष पर, दारू मुर्गा हार।। 2

अंधविश्वास ने किया, कितनों को बर्बाद।
व्यापारी इसके हुए, सदियों से आबाद।। 3

टोना टोटका नजर ये, अंधविश्वासी रोग।
होता रहता आज भी, इसका बहुत प्रयोग।। 4

मुक्त हुआ इससे नहीं, अपना अभी समाज।
अंधविश्वास है बना, कारण गलत रिवाज।। 5

डाॅ. राजेन्द्र सिंह ‘राही’

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Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
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नाम- डाॅ. राजेन्द्र सिंह 'राही' पिता- स्व. रामबृक्ष सिंह। माता-स्व. सुशीला सिंह पता- ग्राम व... View full profile
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