गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

अंदाज़ इश्क का

अंदाज़ इश्क का
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मोहब्बत करने वालों का अलग ही हाल होता है,
नींद होती नहीं बस में ना दिन का चैन होता है।

मिलते हैं छुप छुप कर ज़माने के डर से अकसर
यही अंदाज ए इश्क काबिल ए तारीफ होता है।

ना होती है ख्वाहिश उन्हें दौलत ए ज़माने की,
दरिया ए इश्क में डूब जाना जुनूँ उनका होता है।

संजय श्रीवास्तव
बालाघाट मध्यप्रदेश

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