मुक्तक · Reading time: 1 minute

* अंतर से *

मंथन मेरे मन में चल रहा आज अंतर से
वो क्योंकर दीवानी मेरी हुई आज अंतर से
उसके सहलाने से दर्द कब छूमंतर हो गया
दिल मचल गया जानने को उसे अंतर से।।
?मधुप बैरागी

50 Views
Like
You may also like:
Loading...