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?किरणें लाई हैं संदेशा ?

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

मुक्तक

October 1, 2017

प्रथम रश्मि आ गई रवि की’हमको यह समझाने।
भूल पुराना सोच नया तू, मैं आई नव मार्ग दिखाने।
दुखड़ा छोड़ दे बीते कल का सोच नया कुछ अगले पल का।
जग भी उसका साथ न देता जो ले बैठा राग पुराने।

——–रंजना माथुर दिनांक 03/07/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

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Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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