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26 Nov 2016 · 1 min read

अगर ये दिल नहीं होता……

ग़ज़ल भी हो नहीं पाती अगर चेहरा नहीं होता
मेरा ये दिल किसी के प्यार में पगला नहीं होता
थकन, आवारगी, टूटन, उदासी और तन्हाई
अगर ये दिल नहीं होता कोई मसला नहीं होता
सुकांत तिवारी

Language: Hindi
393 Views
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