कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाशेरहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

बादलों से घिरता और टकराता हुआ...

बादलों से घिरता और टकराता हुआ, बहुत दूर तक पहुँचा फड़फड़ाता हुआ ।। किसी ज़ख़्म से कहाँ डरता मैं यारो, डरा तो बस अपनों से दूर ज... Read more

इंसानियत का सच

सुनाकर इक कहानी आज नए समाज से तुम्हे मिलवाते हैं, ढिंढोरा पीटते जहां इंसानियत का और मन में राक्षस छुपाते हैं, जो खुद की कौम की परव... Read more

किरीट सवैया

किरीट सवैया (भगण×8) बात करें सब कष्ट नहीं जब नेह दिखा निज गेह बुलाकर। आदर मान मिले सबसे यश - वैभव में नित शीश झुकाकर। स्वा... Read more

सफ़ाई

सफ़ाई देता है जो सफ़ाई देता है, मुझे तो सब कुछ दिखाई देता है, तूँ चाहता है मैं न सुनू कुछ भी, मग़र मुझे तो ऊंचा सुनाई देता है, तूँ ... Read more

मुक्तक

मन को मायूस अपने ना करना कभी, राह मुश्किल भले हो, ना डरना कभी। ये हकीकत में तब्दील हो जाएंगे, खाब आंखों से ओझल ना करना कभी।। ✍️व... Read more

@@ *ईश्वर का संदेश......... ।।

जहां जाओगे हमें पाओगे जल हो या ही गगन..... प्रेम में हो या घृणा में मगन.... सुगमता में हो या दुर्गमता का है आवरण आकाश हो या हो प... Read more

रहकर भी अति दूर जो

रहकर भी अति दूर जो, हर दिन लगे समीप । उसको तुम सच जान लो,हिय का भूप-महीप ।। रह कर भी अति दूर जो,लगे ह्रदय के पास । रिश्ता उसस... Read more

बुन्देली भाषा में चिट्ठी

“चिट्ठी” चरन छुअत हैं हमइ इते सें, सो सब ही स्वीकारो, कैसे दद्दा बाई उते हैं, कैसो हाल तुम्हारो. कैसी भइ जा... Read more

【मानवता धँसती जाएगी】

मानवता और अधिक जमी में धँसती जाएगी। बस्ती इंसानों की जैसे जैसे और बसती जाएगी। बढ़ती जाएगी क्रूरता और प्रेम भावना घटती जाएगी।... Read more

हमसे हो न कोई दुःखी...

आ जाए अपना कोई, इंतजार कर रहे । मन को बहुत समझाते, वेदना कैसे सहे ।। वो हँसी खिलखिलाती, ... Read more

शापित पुष्प

कुछ सुंदर पुष्प सुवासित होते हैं । कुछ केवल दिखने में ही सुंदर होते हैं । । कुछ सुंदर होकर दुर्गन्धों के दायी हैं । कुछ ने घ... Read more

ज़मीं पर आना ही होगा

कितनी ही ऊँचाइयों पर उड़ जाएं ये परिन्दें.. पेट के लिए इन्हें ज़मीं पर आना ही होगा। ✍️Brij Read more

अपने मन के

अपने मन के खालीपन को भरते जाओ । दुनिया में गर आये हो कुछ करते जाओ ।। जलने वालों को तो निंदा करने दो । खुद के क... Read more

फ़ज़ीहत

उस रात मुझे घर के पिछवाड़े केले के पेड़ों के बीच एक साया नजर आया। कौन है ? आवाज देने पर वह छुपा साया बाहर निकल कर आया। मैंने पू... Read more

बरखा रानी जल्दी आओ

बरखा रानी जल्दी आओ, तन मन की अब प्यास बुझाओ, बरखा रानी जल्दी आओ तड़प रही है प्यासी धरती, आकर हरी-भरी कर जाओ बरखा रानी जल्दी आओ... Read more

मिट्टी है अनमोल!

जगह किसी की नहीं जो चाहे जहां बैठ गया, अब इसमें क्या लेना वो शख्स वहां बैठ गया, अमीरे शहर का निज़ाम तो कुछ ऐसा हुआ, बैठना था नहीं ... Read more

वोट की राजनीति

फिर से खेला खेल पुराना, दीन धर्म बन गया खिलौना जाने किसने आग लगाई, मेरा घर जल गया सुहाना नाम नया है खेल पुराना, बोट बना है शाही ... Read more

बेटी को जन्म दिन पर -

फुलवा बन आंगन में महको, बेटी खुशियाँ से तुम चहको। मिल जाएँ लम्बी उमर तुम्हे, जीवन हो तुम्हारे सौ बरसों । नित नई ऊंचाई पर चढ लो, ... Read more

एक प्रेम सूफियाना सा।

ना दर्जा देना प्रेमिका का, ना करना आपसे विवाह है, आपके प्रति चंद अल्फ़ाज़ मेरे, इस अनकहे प्रेम की राह है, ना बंधन है कोई नाम का... Read more

मौत नहीं!

महज़ सांसो का थमना ही तो मौत नहीं। ठहरी सी जिंदगी भी बेजान ही होती है। -Tanu Read more

रो लिया करती हूँ।

हांँ सच है कभी-कभी रो लिया करती हूँ। खुद को ढूढ़ खुद में खो लिया करती हूँ। यूं तो ताल्लुक नहीं है कोई नींद से अब, जागती आँखों ... Read more

तू ही कह ए लेखनी!

तू ही कह ए लेखनी! तुझे कैसे हाथ लगाना छोड़ दूं? रगो से बहते लहू में कैसे शब्द-भाव बहाना छोड़ दूं? जीवन के बलिदानों की कोई नीति-रीत... Read more

मातम का त्योहार नहीं करते।

ये सच है कि हमें मोहब्बत नहीं आती पर नफरत का व्यापार नहीं करते। महसूस होती है तकलीफ़ दर्द की किसी के मातम का त्योहार नहीं करते। -... Read more

प्यार कम तो नहीं

मेरे लिए मेरा दिलदार, कम तो नही. उसी में है पूरा संसार, कम तो नही. जानता हूँ तुम एक हो और चाहने वाले बहुत. सनम मेरे भी है यहां ... Read more

मौसम कुछ कुछ सर्द सा...

आज मौसम कुछ कुछ सर्द सा था दिल में यादों का मर्ज़ सा था हम तड़प रहे थे दीद को तेरी भीगी भीगी अंखियां थी और सूना सूना लब्ज़ सा थ... Read more

बेजुबान पशु

क्या कहे अब इस मानव जाती को, ये मानव नहीं ये तो राक्षस हो गए, इनके भीतर की मानवतावाद ख़तम हो गई, ये जालिम मानव को क्या कहे ... Read more

क्या मानवता मर गयी है

स्तब्ध हू निशब्द हू देखकर माँ तेरे मानव कि दानवता कोई कैसे छीन सकता है माँ निवाला किसी के पेट का शर्मिंदा हू, आहत हू ज़ब... Read more

दीदार करेंगे जरूर

***** दीदार करेंगे हम **** *********************** रखो यकीन हम मिलेंगे जरूर गिले शिकवे हम हरेंगे जरूर जो दिल में था हमा... Read more

समसामयिक विश्लेषण

कुछ तो गुस्ताखी हुई होगी दोस्तों महफिलें सुनसान हैं श्मशान आबाद हैं संतोष श्रीवास्तव भोपाल Read more

मां का आंचल खींच रहा था

*बिछुड गई थी मां बेटे से* ================ मां का आंचल खींच रहा था शायद भूखा झींक रहा। था मां जागेगी यही सोचकर, कोशिश मे तल... Read more

छीन ली जाए दौलत सियासतदारों की...

घर में आजाये रौनक ग़रीब के भी जो, छीन ली जाये दौलत सियासतदारों की ✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी Twitter 👉@ Er_Wr_Haneef Other 👉@ Han... Read more

बरसों पुराना एक ठूँठ

बरसों पुराना एक ठूँठ यों ही खड़ा हुआ था– घर के आँगन में। सुना है वह कभी हुआ करता था एक विशाल वट वृक्ष। उसकी घनी छाँह में बड़े बड़े ग... Read more

इस समय का हीरों,

(इस समय का हीरों) आज भी इंसानियत जिन्दा हैं, सोनू सूद के आगे बहुतों शर्मिंदा हैं,। कुछ दे गये पैसा पीएम फंड में, उसमें देने ... Read more

सोचो जरा.......

ये हमारी संस्कृति है, कोई नहीं विकृति है। समझ नहीं पाये हम ही, समझ गए कुछ और ही। घर को लगे भूलने, बाहर लगे तांकने। भागने लगे ... Read more

****आवाह्न शक्ति का.........***

जागो हे शक्ति स्वरूपा जागो निर्मल जल धारा , जागो.... जागो करुणामयि विनाशिनी अब जागो बजा दो डंका शक्ति ज्योत का प्रेम से भर द... Read more

साथ वही है।

साथ वही जो मन मधुबन को सुरभित और पल्लवित कर दे साथ वही जो हृदय अंक को प्रेम के आलिंगन से भर दे। हाथों के खालीपन को जो पकड़ र... Read more

जिंदगीनामा

फ़ैसला करिये अब कोई तत्काल नहीं, मेरा क़त्ल हुआ है कोई इंतक़ाल नहीं, दुनिया भरम में है वो आदिल रहा मेरा, बात मुक़म्मल हो ऐसे तो अल्फ़ा... Read more

शीर्षक–"जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय"

शीर्षक–"जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय" रश्मि काफ़ी दिनों बाद गई सविता मौसी से मिलने तो उसने देखा कि 3 साल की पोती इरा बहुत ही शां... Read more

बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना

बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना है इरादा आसमां छू के रहेंगे देखना ज़िंदगी में अपना मकसद पाना ही है ज़िंदगी हौसला इतना बढ़ा ... Read more

साथ

साथ वही है, जो खड़ा तुम्हारे साथ नही, बल्कि खड़ा तुम्हारे पीछे है, जिसके हाथों में तुम्हारा हाथ नही, बल्कि कंधा तुम्हारा, उसके ... Read more

हम ज़िंदा कब थे ?

हम ज़िंदा कब थे ? अगर हम जिंदा होते तो. किसी औरत का बलात्कार नही सहते, किसी व्यक्ति की निंदा नही करते, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ ... Read more

{{ सुनाने से न रुके }}

रोका था मैंने अपने दिल को, तुमपर आने से रुके कम्बख्त न वो रुका और तुम जाने से न रुके,, गीला तकिया सारी रात शिकायत करता रहा मुझसे... Read more

{{ यू नाश न कर }}

कहा हमे दिल लगाना आता है मेरे घर के रास्ते मे उसका घर आता है एक नज़र देख ले वो बस सौ दफा कोई काम निकल आता है दिल की बात जाने क्... Read more

आत्महत्या की नौबत क्यों आए?

जब इंसान का संघर्ष, विफल हो जाता, और संघर्ष वह नहीं कर पाता, तब निराशा का भाव प्रबल होकर, उसे जीवन जीने के, सारे विकल्प से हताश... Read more

रिश्ते........

गुमान था बहुत, अरमान था बहुत। अक्सर बातें होती थीं, कुछ अनकही यादें होती थीं। सोच यह कि काम आयेंगे एक-दूजे के, साथ नहीं छोड़ेंग... Read more

एक वसूल

सीखा है एक वसूल रास्ते से, मुड़ता तो हैं सिर्फ आगे बढ़ने को। पिछले मोड़ और चौराहे उसे याद नहीं रहते। -Tanu Read more

हमें समझ नहीं आया,

(हमें समझ नहीं आया) ऐ मैरे भारत वासियों, तुम सोच के तो बतलाना,। ऐ देश में कैसे आया कोराना, इसे कोन हैं लाया हमकों बताना,‌। ... Read more

सियासत का बाज़ार...

नफ़रत ऐसी पैदा हुयी सियासत के बाज़ार में, कि हिन्दू-मुस्लिम ही बचा आज अख़बार में ।। ✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी Twitter 👉@ Er_Wr_Haneef... Read more

खौफनाक आइना

नारीवाद का नारा देने वाले खुद उसका अपमान करते हैं, श्रद्धांजलि देने के नाम पर किसी को खरी खोटी खूब सुनाते हैं, करता कोई दूसरा गलत ... Read more

बद्दुआ में

किनारा कर लिया हर दुआ ने मेरे रुख से। शायद बद्दुआ में उठे हाथ दुआ से कहीं ज्यादा रहे होगें। -Tanu Read more