कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाशेरकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

एक कलम से.......... ..️️️

"कारीगर हूँ! कलम का शब्दों से विचारों को तराशता हूँ। या फिर ऐसा चित्रकार हूँ कागज के कोरे पन्नो पर स्याही से कल्पनाओं मे... Read more

सत्य की मशाल

दुनिया नहीं है साथ तो क्या, आगे तो बढ़ना होगा । आएगी मुसीबते तमाम तो क्या, जीत का किला तो फतेह करना होगा ।। आज खड़ा है अकेला ... Read more

संघर्ष पथ

इक माटी की सुगन्ध लिए चल रहा हूँ सँघर्ष पथ पर न जाने कहा फिर रहा हूँ शहरों की। होड़ पर किंचित किंचित सँवार रहा हूँ शहरों की होड़ प... Read more

जीवन बड़ा ही निराला है

जीवन बड़ा ही निराला है जीवन में है ,जीवन शक्ति मैं भी जीवन जीता हूँ जीवन में परमार्थ के लिए।।💐 मै अपने जीवन के विगत स्मृति को द... Read more

समय साक्ष्य है

समय बढ़ रहा है हम उसमे गढ़ रहे है नीर निरंतर अभ्यास जारी है भर भी हम भर समय भारी है करवटें बदल रहे है शाम भी ढल रही है सुबह उजाला... Read more

मेरे खेतो के मखमली चादर

देख दृश्य को विभोर हो रहा हूँ मन चंचल का तन जाग उठा है देखो ये केसी घटा बसन्त की छा रही है मेरे खेते में मखमली चादर ओढ़े बैठी है ... Read more

आखिर क्यों

क्यों सपनों के विम्ब ,अचानक धुंधले पड़ते जा रहे पीड़ा के पर्वत जीवन राहों पर अड़ते जा रहे क्यों कदमों को नहीं सूझ रही ,राह लक्ष्य प... Read more

कोरोना काल का दशहरा

कोरोंना काल का दशहरा ************************ इस बार रावण दशहरे पर आया, राम से बोला और वह चिल्लाया। पहले अपने मुख पर मास्क लगाओ,... Read more

जय माता दी

तुम ही दुर्गा,तुम ही गौरी, तुम हो माँ कात्यायनी, तुम ही भाव्या,तुम ही भव्या, तुम हो मात भवानी।। सरल ह्रदय है तेरा माता जग क... Read more

गैर तो गैर हुए,अपने भी अपने न हुए

गीत -गैर तो गैर हुए,अपने भी अपने न हुए **************************************** गैर तो गैर हुएअपने भी अपने न हुए | जो जने थे अपन... Read more

चक्रव्यूह

चक्रव्यूह ******** आज की राजनीति भी बड़ी निराली है, सियासत के खेल में बड़े बड़े सूरमा भोपाली हैं। आम आदमी के वश के बाहर है राजनी... Read more

द्वार मेरे आयी माँ

द्वार मेरे आयी है माँ , दरबार तेरा आज सजा दूँगी देख दशा भारत में बेटियों की क्या, हर बात बता दूँगी नौरूप धारिणी कहलाती माँ ... Read more

चलो माँ भवानी को

चलो माँ भवानी को हम सब बुलाएँ मनों आस्था भक्ति को हम जगाएँ रखे रूप नवरात्र का माँ पधारे चलो आप हम द्वार माँ का सजाएँ रहे नव ... Read more

विनोद सिल्ला की कुंडलियां

नेता चुग ले वोट जनता चाहे अमन को, नेता चाहे राड़| कैसी विडंबना हुई, खेत खा रही बाड़|| खेत खा रही बाड़, च... Read more

शोर न करें, चुपके से दबा दें डिसलाइक का बटन

सामयिक व्यंग्य: तीर जिगर के पार सुशील कुमार 'नवीन' फिलहाल एक प्रसिद्ध आभूषण निर्माता कंपनी का विज्ञापन इन दिनों खूब चर्चा में है। ... Read more

रेलगाड़ी

रेलगाड़ी ******* छुक छुक करती आती रेल हम सब को ले जाती रेल हो गरीब या हो अमीर शरणदात्री सबके रेल। चाहे पास या हो दूर सबको ही ल... Read more

दोहे ---***मां की भक्ति***

***मां की भक्ति के कुछ दोहे*** (१)माता के दरबार में ,पहुंचे भक्त हजार । वर सभी यही मांगते, मिले आपका प्यार ।। देगी मां सबको देग... Read more

हाइकु

मन हताश फिर भी मुझे आश नहीं निराश।। मेरी हताशा निकालती है आशा जगती आशा।। Read more

घर की शोभा:गृहलक्ष्मी

घर की शोभा:गृहलक्ष्मी ******************** गृहलक्ष्मी!कहने सुनने में कितना अच्छा लगता है,परंतु सच्चाई इससे कोसों दूर है।आप सहमत... Read more

कली

कली कच्ची कली कचनार की कंगनी ऊपर चढ़ती जाये कमसिन कोरक इठलाती कमनीय छटा बिखराये कुसुमित सुरभित शर्मीली कोख पराग कण... Read more

रफ़्तार ज़िन्दगी की कुछ थम सी गई है

सांसो की धीमी आहट कुछ थम सी गई है। आंखों की इस नमी को, बस आंख जानती है। अनजान है पलकें, क्या ख़ाक जानती हैं। ख्वाबों की बस्ती स... Read more

चलन

कुछ जाने पहचाने लोग बहुत डराते हैं की अंदर तक सहम जाए मन दिल जैसे कोई भींचे मुट्ठियों में बेल्ट, चप्पल, जूते सबसे खतरनाक की इ... Read more

गृहलक्ष्मी

गृहलक्ष्मी 1 ---------------- नारी सिर्फ माँ,बहन पत्नी या बेटी भर नहीं एक चलता फिरता संस्थान है, भगवान के बाद प्रबंधन में नार... Read more

आज का सच

"खून ठंडा हो चुका है इस वक्त पीढ़ियों का, इंसानियत को मिट्टी में गाड़ चुके हैं। नफ़रती बोलियों से फैलाते हैं ज़... Read more

आत्ममुग्धता से लेकर, अंधभक्ति तक!!

आत्ममुग्धता से लेकर अंधभक्ति तक पराकाष्ठा के शिखर पर रहने को आतुर आत्मावलोकन की दरकार है! चल रहा है द्वंध अंदर ही अंदर, किन्... Read more

संवाद जरूरी है

संवाद जरूरी है मौन बहुत सी परेशानियों का निदान है । लेकिन गलतफहमियां मिटाने को संवाद जरूरी है।। रिश्तो के सूनेपन को दूर कर... Read more

*"माँ का स्वरूप"*

*"माँ का स्वरूप'* नवदुर्गा नौ स्वरूप , दिव्यधारणी छबि रूप , ललाट तिलक सोहे , नमन तुम्हें चरण वंदन। अनुपम छबि मनोहारी ... Read more

*"आओ भवानी माँ"*

"आओ भवानी माँ " माँ दुर्गा भवानी माँ, मेरे घर आँगन आओ मैया। तेरे चरणों के हम है पुजारी सुन लो पुकार अब तो आ जाओ मैया। सोलह श्रृ... Read more

शबरी

शबरी ****** मतंग मुनि की शिष्या शबरी कुटिया बना कर हर रोज प्रभु आगमन की आस में राह के काँटे चुनती फूल बिछाती और प्रभु की राह... Read more

जैसे सहरा में आब मुश्किल है

जैसे सहरा में आब मुश्किल है वैसे उल्फ़त का ख़्वाब मुश्किल है क़ातिलाना अदा की मत पूछो उसका कोई जवाब मुश्किल है उसकी चालों में फ... Read more

प्यार का वो हुआ नशा मुझको

प्यार का वो हुआ नशा मुझको पूछते लोग क्या हुआ मुझको जाम नज़रों से पी लिया मैंने फिर रहा कब मिरा पता मुझको छिन गया चैन औ'र सुक... Read more

गृहलक्ष्मी

माता पिता परिवार छोड़ आई है, मेरी पत्नी गृहलक्ष्मी सी मेरा सौभाग्य लाई है। सबसे पहले जगती सबके बाद में सोती है इक पल चैन न पाती... Read more

रावण

रावण मे कितना ही राक्षसत्व क्यों न हो, उसके गुणों विस्मृत नहीं किया जा सकता। ऐसा माना जाता हैं कि रावण शंकर भगवान का बड़ा भक्त था। व... Read more

‼️‼️‼️भगवान‼️‼️‼️ भगवान कहाँ हैं ? कौन हैं ? किसने देखा है ?

✍🏻मैं कईं दिनों से बेरोजगार था, एक एक रूपये की कीमत जैसे करोड़ो लग रही थी, इस उठापटक में था कि कहीं नौकरी लग जाए। आज एक इंटरव्यू ... Read more

दिल को छुने वाली कहानी °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°

✍🏻एक पाँच छ: साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर गुरुद्वारे के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा ... Read more

ये सच है

ये सच है.... उलझने होती ही हैं सुलझने के लिए इच्छाएँ होती ही हैं मचलने के लिए , सपने होते ही हैं सच करने के लिए बेहूदगी ... Read more

शिव कुमारी भाग १५

सन १९७३ में घर का दूसरी बार बँटवारा हुआ। पहली बार बड़े ताऊजी अलग हुए थे, जो मेरे जन्म से पहले की बात थी। उसका भी एक मजेदार किस्सा... Read more

राष्ट्रीय जिजाऊ गीत

राष्ट्रीय जिजाऊ गीत हसनैन आक़िब शतः शतः उसे प्रणाम..... जिजाऊ की जय के नारे आओ लगाएं मिल कर सारे आकाश भरे धरती... Read more

-- आत्मा --

आत्मा, अजर है, अमर है पर नश्वर नही है हर रूप में आती है हर बार देखो यह फिर भी अमर है कपड़ों के जैसे चोला बदलता है हर भेष मे... Read more

तेरी बेवफ़ाई का मैं सिला वफ़ा दूंगा

Anis Shah गीत Oct 21, 2020
वज़्न - 212 1222 /212 1222 गीत तेरी बेवफ़ाई का, मैं सिला वफ़ा दूंगा। बद्दुआ मुझे देना, मैं तुझे दुआ दूंगा। याद हैं तेरे वादे ... Read more

बदलाव - एक प्रेरणादायक लघुकथा

एक समय की बात है, एक शहर में एक मशहूर मूर्तिकार रहा करता था। उसके मूर्ति का पूरे इलाके के साथ-साथ पूरे देश भर में चर्चा होती थी, क्य... Read more

जितना ज्यादा ज्ञान प्राप्त करेंगे उतनी ही कुबुद्धि का भी प्रसार होगा

तुम जितना ज्यादा ज्ञान प्राप्त करेंगे उतनी ही कुबुद्धि का भी प्रसार तुममे होगा और ये निश्चित है! क्योंकि जब चीजें खुलेंगी तो दो ही त... Read more

अमर प्रेम

जमीन और आसमान खामोश गवाह है उस शुरुआत का जिसकी एक कड़ी तुम भी थे और मैं भी हूँ । कुछ किस्से इनसे पूछ कर देखो कुछ किस्से इन... Read more

प्यार

******* प्यार ******** ******************** प्यार हो जो गर जिस्मानी कहें लोग उसे है बेईमानी फब्तियां और छेड़खानी हरकते... Read more

अपनी शक्ति

1****** अपनी शक्ति याद कर कभी न इसको भूल। दुश्मन चाटेंगे सदा तेरे पग की धूल ।। तेरे पग की धूल सभी मिल साथ में आवें । साहस शौर्य... Read more

मैया पार लगा दो

श्रद्धा और विश्वास से मैया, मैंने द्वार सजाया है प्रेम और भक्ति का आसन, मनमंदिर बीच बिछाया है आन बसो मनमंदिर मैया, भक्त द्वारे आ... Read more

मां स्कंदमाता

नवरात्रि के पंचम दिन, मां स्कंदमाता तुम्हें ध्याऊं आन विराजो चेतन मन में, चेतना शक्ति जगाऊं बिखर गई है चेतना मेरी, लगी हुई है वि... Read more

इश्क

जाते हुए इश्क को कौन रोए पैहम बारिश की पहली बूंद थी मेरी मिट्टी में गिरी और मिट्टी हो गई मुझ से लिपटी थी दो पल के लिए मेरे अंदर... Read more

नज़रों में उसकी प्यार है तो प्यार प्यार है

नज़रों में उसकी प्यार है तो प्यार प्यार है वर्ना तो ज़िन्दगी में ग़मों की क़तार है मौसम के ख़ूब आज फिर से ये बदले मिजाज़ हैं शायद वो ... Read more

हमें मिलते हैं तो हर बार ही इन्कार करते हैं

हमें मिलते हैं तो हर बार ही इन्कार करते हैं मगर वो आइने के सामने इज़हार करते हैं सताते हैं दुखाते दिल कभी वो रूठ भी जाते भरोसा... Read more