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साहित्यपीडिया काव्य संग्रह 'प्यारी बेटियाँ' का लोकार्पण एवं साहित्य समारोह
Sahityapedia Blog Feb 10, 2018
  25 फरवरी 2018 को नोएडा (दिल्ली एन सी आर) में साहित्यपीडिया लेकर आ रहा है "साहित्यपीडिया पुस्तक लोकार्पण एवं साहित्य समारोह"| इस कार्यक्रम में... Read more
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रचनाकार सूची एवं लोकार्पण- बेटियाँ काव्य संग्रह
Sahityapedia Blog Feb 10, 2018
यह सूचना सिर्फ उन रचनाकारों के लिए हैं जिन्होंने जनवरी 2017 में साहित्यपीडिया द्वारा ‘बेटियाँ’ विषय पर आयोजित काव्य प्रतियोगिता में भाग लिया था| यह... Read more
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साक्षात्कार- राजेंद्र कुमार टेलर- लेखक, ये ख़ुशबू का सफ़र- ग़ज़ल संग्रह
राजस्थान शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल पद पर कार्यरत राजेंद्र कुमार टेलर राही जी की पुस्तक “ये ख़ुशबू का सफ़र- ग़ज़ल संग्रह“,... Read more
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साक्षात्कार- राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”- लेखक, एहसास और ज़िन्दगी- काव्य संग्रह
हरियाणा के शिक्षा विभाग में हिन्दी प्रवक्ता पद पर कार्यरत राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम” जी की पुस्तक “एहसास और ज़िन्दगी- काव्य संग्रह“, हाल ही में साहित्यपीडिया... Read more
भाई भाई
तू हिंदू मैं मुस्लिम तू सिख मैं इसाई इसी रंजिश में बरसों से बट रहे हैं देखो यह भाई भाई खुद तो बट ही रहे... Read more
कुछ अच्छा कीजिये
Sonu Jain कविता Feb 20, 2018
* कुछ अच्छा कीजिये* हमे पास बुलाकर, दिल की बात कीजिये। सुख दुख सुनाकर, दिल को खुश कीजिये। हार कभी मानकर, जंग न लड़ा कीजिये।... Read more
तन्हा
मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है, वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा।
ग़ज़ल( बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं)
सजाए मौत का तोहफा हमने पा लिया जिनसे ना जाने क्यों वो अब हमसे कफ़न उधार दिलाने की बात करते हैं हुए दुनिया से बेगाने... Read more
भोजपुरी संवैधानिक मान्यता ला भागिरथ के राह जोहता- लाल बिहारी लाल
भोजपुरी संवैधानिक मान्यता ला भागिरथ के राह जोहता- लाल बिहारी लाल सोनू गुप्ता नई दिल्ली। भोजपुरी जन जागरण अभियान के बैनर तले भोजपुरी भाषा के... Read more
खुशी का पल
Sonu Jain कविता Feb 20, 2018
खुशी का जब पल आएगा,, दुश्मन भी गले लग जाएगा।,, पैसा जब पास खूब आएगा,, गैर भी रिश्ता जोड़ जाएगा पंछी भी ऊँची उड़ान भर... Read more
गर्भिणी
वो तिल तिल, तन मन से हार दौङती, गर्भिणी! चिंतातुर सी, बढता उदर लिये! झेलती चुभते शूल भरे अपनों के ताने, भोर प्रथम पहर उठती... Read more
मिला नही है अभी
मिला नहीं है अभी_मिलना बाकी है इन मंजिलों का तेरे क़दमों में झुकना बाक़ी है कर यकीन तू खुद पे, अभी बहुत कुछ होना बाकी... Read more
रिश्ते
रिश्तों को तो जोड़ती, सदा प्रीत की डोर मगर तोड़ देता इन्हें, मन के शक का चोर मन के शक का चोर,न आगे बढ़ने देना... Read more
वसंत
🌹 🌹 🌹 🌹 कण-कण सुरभित रस भरा, मधुरिम हुए दिगंत। चहुँ दिश कुसुमित यह धरा, सुषमा सरस वसंत।। १ प्रेमी प्रियतम नाम से, लिखा... Read more
ऊँघता चाँद
ऊँघ रहे हो चाँद गगन में, क्या मजबूरी ऐसी? राग अलाप किये बैठे हो, क्या जग है विद्वेषी? इतनी भोली मति है तेरी, उमर रही... Read more
हाइकु रचना : कलात्मक और दर्शनात्मक अभिव्यक्ति
हाइकु विधा को जापान के कविश्रेष्ठ बोशो (1644–1694) ने एक काव्य विधा के रूप में स्थापित किया जिसे आजकल संसार की अनेक भाषाओँ ने अपना... Read more
ईमानदारी
'ईमानदारी' "पापा आज आपकी भी छुट्टी है और मेरी भी।आज तो खाने पे बाहर चलना हीं पड़ेगा।'' गोलु जिद पर अड़ गया। रमेशबाबु समझाने लगे-"अच्छे... Read more
मकसद ए जिंदगी
Kamlesh Sanjida शेर Feb 19, 2018
मकसद ए जिंदगी, तूने हमें क्या बना दिया किसी की हार में, किसी की जीत छुपा लिया।। Kamlesh Sanjida Email. kavikamleshsanjida@gmail.com
** वक्त किसको किस वक्त. **
वक्त किसको कब बाहों का गलहार पहनाये वक्त किसको किस वक्त सिर-सेहरा पहनाये आजमाये वक्त- बेवक्त-वक्त किसको बताये वक्त कब किसको अपनी गलबहियां पहनाये !!... Read more
ग़ज़ल
221 2122 221 2122 देख अब दिल मेरा कितना लाचार हो गया है बिन तेरे अब ज़िन्दगी जीना दुश्वार हो गया है बना बावरा फिरता... Read more
मौसमी आवारगी है आपसे
मौसमी आवारगी है आपसे। खुशबुओं में सादगी है आपसे। है नजर की जुस्तजू जो एक रू। कुदरतन दीवानगी है आपसे। फूल कलियों चांदनी की नाजुकी।... Read more
परीक्षा
परीक्षा शब्द के श्रवण से परीक्षार्थी के हृदय में उत्पन्न होता कम्पन, सहसा मस्तिष्क में कौंध उठता यक्ष प्रश्न ! यह वृहद् कार्य किस प्रकार... Read more
ग़ज़ल।एक दिन अपने घरौंदे को शहर कर देखिये ।
-----------------ग़ज़ल---------------- राहे रंजिश छोड़ दिल का घर बसर कर देखिए । सुर्ख़ होठों पर किसी के तो फिसलकर देखिए । ख़ुद व ख़ुद मिट जाएगी... Read more
दर्द
GEETA BHATIA शेर Feb 18, 2018
जब लगता है जनाज़ा अरमानो का उठता है तब दर्द पिघल कर आँसुओं में ढलता है ####################### जिन्दगी के दर्द का यूँ छुपा गये जख्म... Read more
आस्था
आस्था स्वयंभू है, स्वयं ही उत्पन्न होती है, कोई बनावट नहीं इसमें, कोई मिलावट भी नहीं इसमें, यह पनपती है जमीन में, किसी खूबसूरत गमले... Read more