कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

चिंगारी बुझा आया हूँ!

भड़की नहीं जो अब तक वो चिंगारी बुझा आया हूँ! फ़ितरत नहीं हैं सुलगने की फ़िर भी सुलग आया हूँ! दलदल से भरी हैं ज़िंदगी मेरी ये वो नह... Read more

मेरी शायरी में तुम हो!

मेरी गज़लो में तुम हो मेरी शायरी में तुम हो! बस हिसाब कर के देखो बे-हिसाब तुम हो! ~अनूप एस. Read more

वफादारी

एक दिन करेगा जमाना हमारी भी कद्र! एक बार ये वफादारी की आदत तो छुटे! 🍁-AnoopS© 15 Dec 2019 Read more

तहज़ीब

तहज़ीब और फ़रमान एक साथ बिकता हैं! यहाँ पर तो टके टके में ही ईमान बिकता हैं! 🍁-AnoopS© 06 Jan 2020 Read more

हैसियत

आजकल वो भी हमारी हैसियत पर सवाल करते हैं! जिनकी शख्सियत भी बिक जाये हमारी हैसियत पर! 🍁-AnoopS© 06 Jan 2020 Read more

जागा हुआ हूँ

जागा हुआ हूँ रात भर का अब मैं भी चलूँ! आ गयी सहर अब अपना घर खुद सँभाले! 🍁-AnoopS© 06 JAN 2014 Read more

नकाब

नकाब का सलीका भी क्या अज़ब कर रखा हैं! खुली निगाहों ने भी तो क्या गज़ब कर रखा हैं! 🍁-AnoopS© 07 Jan 2020 Read more

भूल भुलैया

तेरी मोहब्बत भूल भुलैया का एक जाल हैं! उसमे खो चुका हूँ बस खुद से ये सवाल हैं! निकलना चाहता हूँ बस तेरे इस दिखावे से! मोहब्बत क... Read more

माहौल

मैं दर्द को बस सीने में छुपाये रखता हूँ! अपना माहौल लेकिन बनाये रखता हूँ! मौत तो आयी हैं कई बार मिलने हमसे! मगर मैं उसे बातों म... Read more

अज़ीज़ दोस्त

मेरे कुछ अज़ीज़ दोस्त और शराब! गम के लिये आज़माये हुये हैं ज़नाब! 👏-AnoopS© 21 JAN 2018 Read more

खामोश

आवाज़ नहीं हैं शब्द नहीं हैं बस खामोश सा रहता हूँ! मैं उनकी एक झलक पाने को बस बेताब सा रहता हूँ! 🍁-AnoopS© 21 JAN 2017 Read more

पहचान

वो अपने शहर में न पहचाने ये अलग बात हैं! उनके शहर में अपनी भी तो पहचान बहुत हैं! 🍂-अनूप एस. Read more

आईना

मेरी नज़र में मायने रखते हैं वो मेरे अपने! सामने आईना रखते हैं जो वक़्त आने पर! 🍁- AnoopS© 08 JAN 2020 Read more

चन्दन

लोग कहते हैं तुम्हारी आस्तीन में साँप बहुत हैं! हम करे भी क्या हमारे वज़ूद में चन्दन बहुत हैं! 🍁-AnoopS© 08 JAN 2020 Read more

ढल रहा हूँ मैं!

वक़्त के साथ साथ ढल रहा हूँ मैं! बस ज़रा ज़रा सा बदल रहा हूँ मैं! तन्हा शहर के सूने सूने गलियारे में! बस ख्वाहिशे लेकर चल रहा हूँ ... Read more

फ़रेब

फ़रेब निगाहों में नकाब चेहरे पर होता हैं! ज़रा ज़रा सा तो हर कोई खराब होता हैं! 🍁-AnoopS© 12 JAN 2020 Read more

गम का समंदर

गम का समंदर हैं खुशियो के बीज बोये कैसे! हम ज़िस्म से लगी इस उदासी को धोये कैसे! दूर रहते है तुम से इसलिए याद आती हैं हमे! बेहद ... Read more

खुद की ख़बर!

मुझ को ज़रा भी नहीं हैं खुद की ख़बर! मगर मेरी सारी ख़बर हैं ज़माने भर को! हमे याद कर के तुम ज़रा मुस्कुरा लेना! हम वो हैं जो हँसा... Read more

दीदार

तेरे दीदार को तरस रही हैं जो शब से! वही नज़रे सहर का सलाम कहती हैं! 🍁-AnoopS© 19 JAN 2020 Read more

कारवाँ

चलो कोई तो आया अब हमारा साथ देने! वरना हम तो अकेले चले थे कारवाँ लेकर! 🍁-AnoopS© 18 JAN 2018 Read more

तुम को छूकर

शब गुज़री तो फ़िर से महकती सहर आई! दिल धड़का तो फ़िर से आपकी याद आई! हवा की खुश्बू को महसुस किया साँसों ने! जो तुम को छूकर अभी हमार... Read more

कद्र

कद्र नहीं करता अब यहाँ कोई एहसासो की! फ़िक्र हैं सब को मतलब के ताल्लुकातो की! 🍁-AnoopS 20 JAN 2017 Read more

रोला छन्द आधारित गीत

रोला छंद सममात्रिक छंद है। रोला छंद के चार पद (पंक्तियाँ) और आठ चरण होते हैं) इसका मात्रिक विधान लगभग दोहे के विधान के विपरीत होता ह... Read more

ज़िद

जीतने की ज़िद हैं खुद से और खुद को ही हराना हैं! नहीं हूँ मैं भीड़ दुनिया की मेरे अंदर एक ज़माना हैं! ~अनूप एस. Read more

मुसीबते

मुसीबते आती ही रहती हैं ज़िंदगी में चौतरफा! सोचना तो सिर्फ़ ये हैं के वापसी कैसे करनी हैं! ~अनूप एस. Read more

उन की आवाज़

बात करते हैं जब भी कभी वो फ़ोन पर हमसे! मैं उन की आवाज़ कम साँसे ज्यादा सुनता हूँ! ~अनूप एस. Read more

सस्ता

सब के लिये हर वक्त मौजूद रह कर! खुद को बहुत सस्ता बना लिया मैने! #AnoopS Read more

कीमती

इतना भी तो कीमती न बना अपने आप को! मैं गरीब हूँ महँगी चीज़ छोड़ दिया करता हूँ! 🍁-AnoopS© 20 JAN 2019 Read more

तलाश

लगता हैं शायद वाकिफ़ नहीं हैं तु मेरी ज़िद से! गर आ जाँऊ अपनी पर तो खुदा भी तलाश लूँ! 🍁-AnoopS 22 JAN 2020 Read more

खूबसुरत

हाँ अब इतना भी खूबसुरत भी नही बनाया खुदा ने हमको! मगर नज़र भर के हम जिसे देख ले उसे उलझन डाल दे! 🍁-AnoopS© 25 JAN 2020 Read more

कारोबार

कारोबार करता हूँ मैं उधार खुशियाँ बाँटने का! वक्त पर कोई लौटाता नहीं इसलिये घाटे में हूँ! 🍁-AnoopS© 27 JAN 2020 Read more

दोनों का रिश्ता

नज़रो से बहुत दुर हैं पर दिल के करीब हैं! मगर उस का मैं हूँ और वो मेरा नसीब हैं! मिला न कभी, न कभी जुदा हुआ मुझ से! हम दोनों का ... Read more

सहर

टूट जाते हैं जब मेरे हज़ारो ख्वाब! तब कहीं जा के एक सहर होती हैं! 🍁-AnoopS© 29 JAN 2020 Read more

फ़ितरत

मैं अपनी फ़ितरत में किसी को शुमार नहीं करता हूँ! मिले न मिले कोई मुझ जैसा मैं खुद से प्यार करता हूँ! 🍁- AnoopS© 12 Nov 2018 Read more

औकात

जो निभा न सकूँ ऐसा मैं वादा नहीं करता! बात अपनी औकात से ज्यादा नहीं करता! तमन्ना मैं भी रखता हूँ आसमां को छुने की! बस औरो को गि... Read more

दस्तक

बस एक दस्तक सी होती रही हैं कहीं मेरे अंदर! मैं रात भर बे-खबर सोता रहा ज़िंदगी ओढ़ कर! 🍁-AnoopS© 02 Feb 2020 Read more

पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि

कविता में हैं आँसू मेरी आँखों के ।। लिखी आज जो मैंने नाम शहीदों के।। छिपे इसी में दर्द राखियों के भी है। बिछे इसी में खाली द... Read more

मन्ज़िल

पहुँचना चाहता हूँ मैं बस अपने आप की हद तक! मैं अपने आप को ही मन्ज़िल बना कर चलता हूँ! 🍁-AnoopS© 02 Feb 2020 Read more

उसूल

खुद के उसूल कभी कभी यूं भी तोड़ता हूँ! खता औरो की हो और हाथ मैं जोड़ता हूँ! ~अनूप एस. Read more

कहानी

ढूँढते रह गये वो किस्सों में हम को! हम तो अब भी सिर्फ़ कहानी में थे! लौट कर आ भी गये वो किनारे पर! पर हम तो अब भी वहीं पानी मे थ... Read more

धड़कनो की सरगम

चुपके से गुज़रते हैं जब वो मेरे दिल से हो कर! धड़कनो की सरगम से जान लेता हूँ के वो गुज़रे! ~अनूप एस. Read more

गुटुरगुं

गुटुरगुं करता हैं रोज़ आकर एक कबुतर मेरी छत की मुंडेर पर.! लगता हैं शायद वो कोई पैगाम लाता हैं मेरे किसी खास का.! ~अनूप एस. Read more

हुनर

बस मेरा यही अंदाज जमाने को खलता है! हुनर होने के साथ भी सीधा कैसे चलता है! ~अनूप एस. Read more

जीतने की ज़िद

जीतने की ज़िद हैं खुद से और खुद को ही हराना हैं! नहीं हूँ मैं भीड़ दुनिया की मेरे अंदर एक ज़माना हैं! ~अनूप एस. Read more

कर्ज़दार

ज़रा समझा दो तुम अपनी इन यादों को! तंग करती हैं दिन रात कर्ज़दार की तरह! ~अनूप एस. Read more

अज़नबी

बन के अज़नबी मुझ से सवाल पुछते हो! सब कुछ तुम्हे पता हैं क्या हाल पुछते हो! हर पल डरा के हमको न जी पाओगे तुम! पहले छोड़ गये हमको... Read more

परिंदे

परिंदे भी अब ठिकाना बदलने के इंतज़ार में हैं! पतझड़ का आना लाज़मी हैं दिल के बगीचे में! ~अनूप एस. Read more

ऐ ज़िंदगी

बस एक बार इतना ही बताना है तुमको! ऐ ज़िंदगी कुछ भी तो नहीं मिला हमको! प्यार मुहब्बत का सिला कुछ भी नहीं हैं! दर्द के सिवा कुछ भ... Read more

मुसाफ़िर

मुसाफ़िर कल भी था मैं, मुसाफ़िर आज भी हूँ! कल उस की तलाश थी आज अपनी तलाश हैं! ~अनूप एस. Read more

याद

महसूस हो रही है हवा में उसकी खुशबू! लगता है मेरी याद में वो साँस ले रहे हैं! ~ Anoop S© 7 Feb 2015 Read more