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साक्षात्कार- राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”- लेखक, एहसास और ज़िन्दगी- काव्य संग्रह
हरियाणा के शिक्षा विभाग में हिन्दी प्रवक्ता पद पर कार्यरत राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम” जी की पुस्तक “एहसास और ज़िन्दगी- काव्य संग्रह“, हाल ही में साहित्यपीडिया... Read more
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भव्य विमोचन- डॉ अर्चना गुप्ता द्वारा रचित
25 दिसम्बर 2017 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में डॉ अर्चना गुप्ता द्वारा रचित ग़ज़ल संग्रह “ये अश्क होते मोती” का भव्य विमोचन समारोह... Read more
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साक्षात्कार- जे पी लववंशी- लेखक, मन की मधुर चेतना- काव्य संग्रह
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के रहने वाले, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग म.प्र. शासन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जे पी लववंशी जी की पुस्तक... Read more
परीक्षा का भय
नाम परीक्षा का सुनते ही, डर मुझको लगने लगता। जाने कहाँ नींद खो जाती, खाने में नहीं जी करता।। *** 'मम्मी कहती' - सो जा... Read more
खिलौने
कितने ही रुपों में होते हैं खिलौने, किन्तु उनका एक मात्र प्रयोजन होता है किसी के हाथों खेला जाना। खिलौने जो सिर्फ बच्चों के लिए... Read more
खिलौने
कितने ही रुपों में होते हैं खिलौने, किन्तु उनका एक मात्र प्रयोजन होता है किसी के हाथों खेला जाना। खिलौने जो सिर्फ बच्चों के लिए... Read more
नेता सुभाषचंद्र बोस
Sonu Jain कविता Jan 23, 2018
*नेता सुभाषचंद्र बोस* हिन्द देश का जांबाज रक्षक, नेता सुभाषचंद्र बोस था ओज और जोश से भरपूर, मातृभूमि का वो लाल था। देशभक्ति भावना से,... Read more
आधी रात शिखर तैं ढलगी हुया पहर का तड़का। बिना जीव की कामनी कै हुया अचानक लड़का।
होनहार कवि ललित कुमार की फुटकड रचनाये @ संकलकर्ता-सन्दीप कौशिक , गांव - लोहारी जाटू, भिवानी प्रश्न रचना आधी रात शिखर तैं ढलगी हुया पहर... Read more
हो गुरुजी मनै ऐसा ज्ञान सिखादे, कोए गावणिया हे गादे..!!टेक!!
होनहार कवि ललित कुमार की फुटकड रचनाये @संकलकर्ता-सन्दीप कौशिक-लोहारी जाटू-भिवानी *प्रश्न रागनी* हो गुरुजी मनै ऐसा ज्ञान सिखादे, कोए गावणिया हे गादे..!!टेक!! बेमाता की मात... Read more
क्या जानेंगे वो
Sonu Jain कविता Jan 23, 2018
*क्या जानेंगे वो* मुफलिसी क्या होती है क्या जानेगे वो,,,, जिनकी पैदाईसी अमीरी होती है। मोहब्बत की इंतेहा को क्या जानेंगे वो,,,, जिनकी खानदानी नफरत... Read more
-दबंगई -
कविता ...बाहर आओ ...देखो आज तेरे राजू ने मेरे बेटे को बहुत मारा है। आवारा बना दिया है उसे तुमने । दिन भर गुंडागर्दी करते... Read more
ओ रे मौन..!!
ओ रे मौन...!! तू क्यों नहीं बोलता...?? क्या है राज़...?? जो तू नहीं खोलता...., बता दे..! आज मुझको, यकीन दिलाता हूँ,, नहीं निराश करूँगा तुझको,,,... Read more
*लगी नज़रिया रे*
गीत.....! ---------- *लगी नज़रिया रे* *************** सूने-सूने मन के पनघट, रीती पड़ीं गगरिया रे । किस बैरी की लगी रूप को, जाने बुरी नज़रिया रे... Read more
क्‍यों है
मुफलिसी में रोटी और भूख में तकरार क्यों है इबादत के लिए मंदिर मस्जिद अलहदा क्यों है सजदा जमीं पर वो देखता आसमान से क्योंं... Read more
एक बहादुर लड़की
जीवन पथ पर बढ़ती जाती एक बहादुर लड़की कितनी बाधाएँ थी आईं कितनी पीड़ाएँ थी आईं कितनी शंकाओं ने घेरा कितनी आशाएं मुर्झाँई पर न... Read more
बताओ न
बताओ न तुम उजले हम उजले कौन है काला, बताओ न तुम वाकिफ हम वाकिफ क्या है राज, बताओ न तुम सत्य हम सत्य कौन... Read more
संघर्ष-पुस्तक समीक्षा
Manoj Arora लेख Jan 22, 2018
अधिकतर कविताओं में देशसेवा की खातिर सरदह पर डटे जवानों के जीवन-संघर्ष को प्रस्तुत किया है कवि राजकुमार मीणा ने..... जिन्दगी का दूसरा नाम ही... Read more
ऐहसास
ऐहसास ऐहसास मत पूछिए... उस वल्लरी का... उस बेल के बारे में ही... सुना है मैने किसी न किसी... को सहारा बना बढती है... वृक्ष... Read more
हम
हम बहती मैं भी... लिए उमंगे... नित संग लाती... नव अभिलाषा.... नव सृजन... नव तरंग संग... नित भरती जीवन मे रंग... होते फलित स्वप्न... सब... Read more
बेटी
हमें पहचानिए , हम हैं कौन हम नहीं , जग नहीं इंदिरा नहीं , सुषमा नहीं महाराणा नहीं , शिवाजी नहीं जननी रहेगी , तभी... Read more
शायरी
ऐसा साधु - संत न बनिए, जग हँसे और जेल हो जाय l इनके कुकृत्य ऐसे हो रहे, रावण भी पीछे छूट जाय ll
शायरी
प्यार तो शाहजहाँ ने किया, मुमताज की याद में ताजमहल बनवा दिया, तू कैसा कम बख्त निकला, धन के लालच में जिंदा जला दिया ll
नसीहत
नसीहत जो तुम्हें मिला था, ढंग से रख ना सका, हमारी हृदय कश्मीर है, इस पर आँखें ना गडा़, ऋषि - मुनियों का देश है... Read more
''सुबह का भूला''
इसे एक विचित्र संयोग कहें या फिर वास्तविकता, उच्च शिक्षा या रोजगार की तलाश में आँखों में सुनहरे सपने लिए जब एक युवा घर की... Read more
बसन्‍त आने से
ये सर्दी भी गुलाबी हो गई बसन्त आने से गर्मी भी अंगडाई ले रही सुप्त अवस्था से पीत रंग धरा धरा ने तेरे बसन्त आने... Read more
बसंत पंचमी
मातु शारदे दीजिए, यही एक वरदान ! दोहों पर मेरे करे, जग सारा अभिमान !! . मातु शारदे को सुमिर, दोहे रचूँ अनंत ! जीवन... Read more
अरूणिमा
अरूणिम अरूणिमा पर काले घन बन छाये रूकी नहीं आभा वह दूर तक बिखरा गयी निशा काली-काली भी नहीं कुछ बिगाड़ पायी माता की सुपूती... Read more
बताना क्या है ।
हमें कितनी मोहब्बत है तुमसे उसको बताना क्या है । गीत रह जाएंगे गुनगुनाने के लिए हमें जताना क्या है।। हमारे बुजुर्गों के हौसले क्यों... Read more
मुक्तक
कभी न कभी हमको हमारा मिल ही जाता है! कभी न कभी हमको सहारा मिल ही जाता है! जब भी चल पड़ते हैं कदम हिम्मत... Read more