कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

दिव्यमाला अंक 32

गतांक से आगे...... दिव्य कृष्ण लीला .... *********************************************** अघासुर प्रकरण **************... Read more

चण्डीगढ़ शहर

हरियाणा पंजाब दो जिस्म हैं एक जान दोनों प्रदेशों की जान का ही एक स्थान मनमोहक मनोरम है उत्तम सुन्दर स्थान ली कोर्बुज़िए जि... Read more

सब्ज जमीन पर जिंदगी पनपेगी

रेगिस्तान के खेतों में चूडी खनकेगी हर खलिहान के माथे पर बिंदी चमकेगी ये बता दो पत्थर की इमारतों को सब्ज जमीन पर जिंदगी पनपेगी Read more

है ग़ज़लों की मलिका-औ- गीतों की रानी-- इश्क-ए-माही

ग़ज़ल-- 05 है ग़ज़लों की मलिका-औ- गीतों की रानी है उसकी अदा में अज़ब इक कहानी न जाने कहाँ से है उतरी धरा पर लगे नूर उसका हो जैसे ... Read more

ठहरे पानी में आई रवानी ख़ुदा--- इश्क-ए-माही

ग़ज़ल -- 04 ठहरे पानी में आई रवानी ख़ुदा ज़िन्दगी को मिली ज़िन्दगानी ख़ुदा वक्त रंगत बदलता रहा हर घड़ी दास्ताँ क्या लिखी है सुहानी ... Read more

ठहरे पानी में आई रवानी ख़ुदा--- इश्क-ए-माही

ग़ज़ल -- 04 ठहरे पानी में आई रवानी ख़ुदा ज़िन्दगी को मिली ज़िन्दगानी ख़ुदा वक्त रंगत बदलता रहा हर घड़ी दास्ताँ क्या लिखी है सुहानी ... Read more

सभी यादें दफ़न कर हम नया मन्ज़र सजा देंगे -- इश्क़-ए-माही

ग़ज़ल---03 ********* सभी यादें दफ़न कर हम नया मन्ज़र सजा देंगे फरिश्तों को बना अपना रुहानी दर दिखा देंगे चले अँगार पर जब जब, हुए... Read more

मुस्कुराती है सदा दिलदार के लिए --- इश्क़-ए-माही

ग़ज़ल -- 02 ********** मुस्कुराती है सदा दिलदार के लिए हर ख़ुशी कुर्बान उसकी प्यार के लिए बनके बदली झूमती सावन में हर घड़ी ह... Read more

घनाक्षरी छंद

वो बुतकशी में रोता, होंठों पे बेवशीहैं , खुशियों का शामियाना,दौर मुफलिसी हैं । दूर जाती हैं मंजिल ,राहें कठिन बड़ी है , तमाशा दिख... Read more

जिंदगी की सहेली - (हरी बाबू गुप्ता 'हरि' , डॉ० प्रतिभा माही के पिता)

*जिंदगी की सहेली* ***************** जिंदगी.....! एक पहेली है.... उसकी भी एक सहेली है...! दोस्ताना दोनों का इतना पक्का है...... Read more

मैं तो बेटी हुँ तेरी!

मैं तो बेटी हुँ तेरी, मुझको सजाना पापा। मुझे छुपे शहरी भेड़ियों, से बचाना पापा।। मैं तो बेटी हुँ तेरी! मैं तो बेटी हुँ तेरी, धन ... Read more

***छोटी सी जिंदगी***

***छोटी सी जिंदगी*** =================== नित्य भौर संग उठ जाता हूं, दिनभर दौडधूप कर लेता हूं। उद्योग जठर के लग जाता हूं, यूं छो... Read more

"माँँ" ममतामयी

माँ सदा याद आती है मुझको, मधुर याद माता तेरी। ले गई मेरे जीवन की, मां सारी खुशियां मेरी।। रोज सवेरे मना करने पर, मीठा दूध... Read more

रोजगार तुमको ढूंढना हैं

रोजगार तुमको ढूंढना हैं ================ ऐसी रोजगार नही चाहिए, जिसमें राजनीति की बू आती है। घूसखोर जिसमें पैसा लेते हैं, और ड... Read more

ढूंढ रहा हूं पथ!

ढूंढ रहा हूं पथ जो पथ जाए मंजिल तलक! राह अनेक हैं बड़े, छोटे,अनेक किस पथ जाऊं सोच में परा बिन सहारा देख रहा हूँ, सामने कोई... Read more

कौन आया है

रोशनी ले के अँधेरे में कौन आया है। वीरान खण्डहरों में किसने चराग जलाया है।। ये कैसी आहट दिल को सुनाई देती है , फिर कौन सूनेपन को ... Read more

मां

ऐ मां, अरसा बीत गए, लाड़ कर ना अपने पूत को, दे संदेशा खबर की अपनी, चल भेज अपने दूत को, तेरी यादों से लदा ये जिस्म, तुझे देखन को तर... Read more

डोंडियाखेड़ा

(आपको याद होगा कि अक्टूबर 2013 में शोभन सरकार नामक एक साधु को सपना आया कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के डौड़ियाखेड़ा गांव स्थित राजा ... Read more

याद आते है

चुनावो की करें चर्चा तो मंजर याद आते है। सड़क पर जोश में बच्चे ज़ुदा नारे लगाते है। बड़े नेता हमारे दर पे दौड़े दौड़े'आते है। चुना... Read more

पेड़ हमारे जीवन साथी*

पेड़ हमारे जीवन साथी, भक्षण करते कार्बन डाइऑक्साइड गैस हमारी। पेड़ हमारी सांसे है, प्रदूषित हमारा जीवन है। फल फूल और ईंधन देते, ... Read more

इश्क़ की बदनसीबी

मैं नज़रे मिलाऊँ, वो नज़रें झुकाएँ, मैं नज़रें हटाऊँ, वो नज़रें मिलाएं, नज़र ही नज़र में नज़र मारते हैं, ये मैं जानता हूँ वो हमें चाहते ... Read more

ठेठ दिहाती,,,,,,

मैं गरीबी में जन्मा हूं, गोदड़ी में पला हूं, देहात में पढ़ा हूं, फिर आगे बढ़ा हूं। माता-पिता का आशीष लेकर, शिक्षा का गहना पहनकर... Read more

मिटती न खार हैं

बार बार मार खाये, फिर भी न शरमाये, पाक बेशरम बना, बड़ा लतमार है । लड़ता है बेवकूफ, ईर्ष्या में जल रहा, टुकड़ों मे पल रहा, बहे मुँह ल... Read more

रोटी दो

भूख लगी है रोटी दो। (खाना दो) अधिक नहीं बस रोटी दो।। (2 रोटियां) खुद के हाथों ही खा पाऊं; मुझको रोजी रोटी दो।। (... Read more

नेताओं की रीत पुरानी

हाथ जुड़े द्वार मुलाकातें,वादों की करना बरसातें। सपनों की देना सौग़ातेंं,नेताओं की रीत पुरानी।। सोच बड़ी तुम अपनी रखना, कथनी करनी ... Read more

गज़ल

वज़्न--2122 1212 22(112) हक सुनाया असल दुहाई है सब भुला कर नज़र चुराई है| आस होकर मिली कही राहत बोझ में ले बसर भुलाई है | पढ़ सवक... Read more

श्राद्ध पर दोहे.

साथ छोड़ गए जग में, फिर श्राद्ध करें याद पितरोंका तर्पण से नर, ले सुख मन संवाद. खीर खाना फल पसंद, जमाया सभी प्यार कागा भी देखा करा... Read more

आज फिर यादों में खोने का मन...

आज फिर यादों में खोने का मन करता है गोद में उनकी,सुकून से सोने का मन करता हैं पलटे पन्नो से ,धूल हटाने का मन करता है सोए हुए मन क... Read more

बादल

आसमान में हैं छाये बादल काले घने और घनेरे बादल पानी लेने जा रहें हैं बादल पानी लेकर आ रहें बादल काली घटा में घिरे बादल उमड़ ... Read more

सौदा

सौदा -------- बिकता होगा कोई इंसान किसी कीमत पर यहां नादां हैं मुझसे इंसानियत का सौदा करने आए हैं कर ही न सके जो सौदा मेरे ... Read more

स्वार्थ-पूर्णता में भूले जा रहे आचरण

लोभ के परितोषता में खो रहे संस्कृतियाँ माया मिलन के साथ में रचते रहे नीतियाँ नीति के अनित में सजा रहे अनेक रण स्वार्थ-पूर्णता में... Read more

किताबें

किताबें ~~~~ हर जिज्ञासु के मन में पाने की चाह है, मंजिल तक पहुंचाने का यही एक राह है। नया करने का इनमे ब... Read more

हाइकु

हायकु ~~~~~~ तिरंगा मंच में लहराते बच्चे~~ सलामी धुन माँ ने पकायी पालक, आलू, रोटी~~ दाल की गंध सूर्य कांति का प्रतिबिम्... Read more

*पानी*

★मेरी बाढ़ कविता से एक मुक्तक★ 😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢😢 उतर पानी गया देखो, जगह सब जो भरा पानी। गई हो बाढ़ तो लेकिन ,गया ना आंख का पानी।... Read more

दिव्यमाला (अंक 31)

गतांक से आगे...... दिव्य कृष्ण लीला ....अंक 31 ************************************************* अघास... Read more

बस अविराम मैं और तुम...

कई अनुत्तरित प्रश्न और मैं एक युद्ध जो मुझ में ही विराजमान है जाने कब से, युद्धविराम की तलाश में भटक रही हूँ, मन के गलियारे मे... Read more

दो कौर के घटिया निवाले पे...

कई प्रश्न है, जो टांक रखे हैं मन के अजीब से आले पे क्या,तुम भी गिरे हो चोट खाके दिल के दोहरे से दीवालों पे अहसास शायद तुम मे... Read more

और यही हमारा रामराज्य वाला देखो सरकार है !

अजीब सा मसला है पुर्दिल इस दौर का विपक्ष में बैठे थे तो, थे बेटियों के पहरेदार। तब बढ़-बढ़ कर बताते कभी थकते नही थे बेटियों ... Read more

कल यही हाल तुम्हारा भी होगा

धूआ उड़ाना दिलकश नहीं है इसमें कोई इज्जत नहीं है ये आफत है , राहत नहीं है ये कोई अच्छी आदत नहीं है मुंह में कैंसर , गले में कैंस... Read more

मैं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की बात कर रहा हूं

समाज में खाई तुम्हारी ही बनाई हुई है इसमें गिर भी तुम्हेी रहे हो रिश्तो में ये आग भी तुम्हारी ही लगाई हुई है इसमें जल भी तुम्हीं ... Read more

क्या है भारत की सेना दुनिया वालों देखो तुम

बाढ़ से हाहाकार मची है हर ओर छींक पुकार मची है आशियाने बह रहे हैं सैलाबों उनके रेल में जान बचाओ जान बचाओ धरती मां भी पुकार उठी ह... Read more

ऑनलाइन का "क्रेज़"

ऑनलाइन का क्रेज ऑनलाइन शॉपिंग का, कृऐज हो रहा बहुत तेज। घर बैठे सामान बुलाते, अब करते नहीं वेट।। ऐसा ही चलता रहा था तो, 1 ... Read more

जिन्दगी के पन्ने

जिन्दगी की किताब के पन्ने आज जब मै उलटने लगा लम्हा लम्हा गुजरा समा मै दुबारा जीने लगा । उम्र की यादों मे कैद हर इक पन्ना ... Read more

सोना

सोना बहुत जरूरी है पर ज्यादा सोना ठीक नहीं। सोना मूल्यवान है लेकिन ज्यादा सोना ठीक नहीं।। सोना के पीछे मत भागो सोना सोना स... Read more

दास्तान इन्सान की

अजीब दास्तान है इन्सान की सृष्टि के महानायक महान की कहता है कुछ, करता है कुछ खाता हैं वो अपनी जुबान की जुबान में मिठास,दिल ख... Read more

खुला बाजार दुकानें हजार

खुला है बाजार दुकानें हैं हजार कहीं है मेहनतकश कहीं है बदमाश सजी है दुकान बैठी वो सज-धज के रहना था उसे इज्ज... Read more

ग़ज़ल

बह्र फ़ायलुन फ़ायलुन फ़ऊ वज़्न 2 1 2 2 1 2 1 2 दिल बह... Read more

ग़ज़ल

वज़्न 212 212 122 2 दर्द दिल का यहां मिटाने आ आ कभी तो,शराबखाने आ ख़्वाब,झूठे बहुत दिखाये थे ख़्वाब,फिर ... Read more

**रेलगाड़ी-सी जिंदगी**

***रेलगाडी-सी जिन्दगी*** ====================== छिक पिक छिक पिक रेलगाडी-सी जान पडती है जिन्दगी, सीटी बजाकर सबको पुकार रही है रेल... Read more

केकई एक चरित्र

विडम्बना है कि केकई का चरित्र राम को वनवास जाने का पर्याय माना जा रहा है लेकिन इस मर्म के पीछे मंथरा के चरित्र को अनदेखा किया जाता ह... Read more