कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

ग़ज़ल- हुआ मददा बहुत व्यापार साहब।

हुआ मददा बहुत व्यापार साहब। नये आये हैं थानेदार साहब।। ख़बर उनको नही अब मुफ़लिसों की। हुए जबसे सियासतदार साहब।। 【1】 ख़बर सूबो... Read more

मनुहार

प्रभु मेहमान बन आओ। साक घर मेरे भी खाओ।। विदुर के घर गये थे तुम। चखे थे बेर सबरी तुम। अहिल्या तार आये थे। दैत... Read more

दुल्हन

डोली में बैठी हुई दुल्हन सुन्दर और सलोनी दुल्हन ख्वाबों में खोई हुई दुल्हन सजरी और संवरी दुल्हन बैठी बैठी सोचे दुल्हन ठोस... Read more

सिसकियाँ

सुनाई देती हैं मुझे सिसकियाँ फिर से प्यार में आहत व चोट खाई हुई उस खूबसूरत कलत्र की जिसका पुनः विश्वास और आस्था विस्वासघाती शस्त... Read more

फैलाओ सुगंध जीवन में

बनो तुम चंदन से फैले जब सुगंध सब ओर हो जाएँ दीवाने सब जीवन में लगे जो चंदन माथे पर शीतल हो जाएँ तन मन लगे जब च... Read more

तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ

वही मुस्कान वही प्यार उसी बेचैनियों के नजारे उसी सरक से गुजरकर उसी घाट के किनारे कही दूर झीलसि तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ ... Read more

Friend

Friend in need doth friend in deed But damsel friend be desire of each Absence of her shows autumn season of life Presence of he... Read more

Blowing Wind

Blowing wind saying Not to fast blow like it As it is harmful And advising human To blow slow As it is very calm and still ... Read more

टेंशन की दवा --आर के रस्तोगी

इसको बोलो हैलो,उसको बोलो तुम हाय | हर टेंशन की दवा है,तुलसी वाली चाय || तुलसी वाली चाय,सब साथ पिया करो | रोग कोई न होगा,लम्बी उम्... Read more

ट्रैफिक जाम

रात्रि अपने आखिरी पहर में थी। रूपा की आंखों में नींद का कहीं नामोनिशान नहीं था। दिमाग में विचारों का आवागमन बराबर लगा हुआ था । जितना... Read more

कौन है उत्तरदायी

कौन है उत्तरदायी जब शुद्रों को नहीं था अधिकार सेना में भर्ती होने का युद्ध करने का तब होता रहा भारत बार-बार विदेशियों का गु... Read more

मुक्तक

मुस्कुराना और चहकते रहना दिल की गुबार को न आँखों से बहने देना इश्क का ये भी मुख़्तसर सा अन्दाज है न लब पे आहें ठहरे,न उतरे आँखो... Read more

मुक्तक

१. कहा था आओगे तुम मुलाकात के लिए मैंने दाँतों में दबा रखा था रात बस उसी एक छोटी सी बात के लिए ! ...सिद्धार्थ २. शिकायत क... Read more

खोई हुई आजादी

खोई हुई आजादी मैं ढूंढ रहा हूँ अपनी खोई आजादी मजहबी नारों के बीच न्यायधीश के दिए निर्णयों में संविधान के संशोधनों में लालकिल... Read more

गुड़िया की शादी

आज इक खाना आबादी है मेरी गुड़िया की शादी है तुम सब बच्चों को आना है शादी में मौज उड़ाना है खाने की अब तैयारी है ... Read more

बता जिंदगी कैसी रही

यह कविता मेरे द्वारा अनुभव किये एक घटनाक्रम काव्य रूप है मौत उसके सामने खड़ी मुस्कुरा के उससे कहने लगी जिंदगी कैसी रही ... Read more

प्रेम भाव

ढाई अक्षर का शब्द है प्यार जीवन में खुशिया देता बेशुमार संयोग वियोग दो मूल है भाव जिस भाव में उसी भाव में बहाव भिन्न भावों... Read more

मुक्तक

डोर उम्मीदों की छूटी हर मेहनत बेकार हुई, मेरे जीवन की पीड़ा अब दोधारी तलवार हुई, मुद्दत से ख़ामोश थे लब सन्नाटा था ज़हन में पर ... Read more

बसे है जो दिन रात जो दिल में मेरे ----आर के रस्तोगी

बसे है दिन रात जो दिल में मेरे | उनका नाम अब बताऊं मै कैसे || जो बिल्कुल बोलते नहीं है | उनसे बात बताऊँ मै कैसे || चुरा ली ... Read more

जिंदगी कैसी रही

मौत मेरे सामने खड़ी मुस्कुरा के मुझसे कहने लगी जिंदगी कैसी रही यह सुनके मन ठहर गया मैं गहरी सोच में पड़ गया तभी मैं सब स... Read more

मिलना सीखो शौक़ से

मिलना सीखो शौक़ से,भूलो मत औक़ात। नमक मिले जब चून में,चले स्वाद की बात।। इन्द्रधनुष देखो बना,रंगों का व्यवहार। ख़बरें मिलके दें सज़... Read more

विडम्बना

एक काला युग लेटा है तीरों की शैया पर भीष्म इस उम्मीद में आ कर डालेगा दो बूँद जल कोई थके-मांदे है सैनिक अनेक को... Read more

-: राखी शहीद हो गई :-

बहना तेरी राखी शहीद हो गई सरहद के पार खाके गोलियां हजार ना जाने कहां सो गई बहना तेरी राखी शहीद हो गई था वादा में लौट के आऊंग... Read more

माचिस की तीली था मैं

माचिस की तीली था मैं खोल में पड़ा रहा जलने से पहले आग अंदर था रगड़ने से पहले फिर मुझे निकला गया पहले सहलाया गया देखा गया, जाँ... Read more

नारी शक्ति नारी सम्मान

असहनीयऔर असीमित पीड़ा जिसको न जाने कितनी बार हँसते और समाज से लडती हुई बाधित और बाध्य होती हुई सीमित और असाध्य साधनों के साथ विप... Read more

पुस्तक- मिट्टी मेरे गांव की

पुस्तक - "मिट्टी मेरे गांव की"- बुन्देली काव्य संग्रह:- लेखिका - जयति जैन "नूतन" बुंदेलखंड में जन्मी लेखिका ने अपनी मातृभाषा ... Read more

"राज मौत का" #100 शब्दों की कहानी#

कॉलोनी में बहुत हिम्मती-चाची रहतीं , जिन्हें साधचाची के नाम से पुकारते थे । वे अस्पताल में नर्स थी , मुस्कराते हुए हर कार्य करने म... Read more

प्रमाण

प्रमाण वो समझता है खुद को सर्वश्रेष्ठ कर रखे हैं उसने गवाह तैयार जो दे रहे हैं उसके पक्ष में सर्वश्रेष्ठ होने की गवाही तमा... Read more

ग़ज़ल:- सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं...

सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं। सुखन के क़ायदे ही तो ग़ज़ल तैयार करते हैं।। ▪▪🔘▪▪ बिना वज़्नो... Read more

कैसे हो पहचान

जिसका हो आधार ही,नफा और नुकसान ! सही गलत की सोच फिर,कैसे हो पहचान !! नफा और नुकसान ही, बन जाए जब माप ! सही गलत काे क्या कभी, प... Read more

पत्थर की किस्मत

शासन के दूत ने निर्माणाधीन पार्क का स्थलीय सत्यापन किया। साथ ही एक जाति विशेष से संबंधित स्थापित प्रतिमा की छतरी निर्माण और रंग रोगन... Read more

आज कल इश्क के चर्चे होते नही।

आजकल इश्क के चर्चे होते नहीं मोहब्बत की बातें कोई करते नहीं फुर्सत ही नही है दिल लगाने की अब पैसों में हर चीज मिलती है यहाँ तन ... Read more

'फांसी' नाजायज रिश्ते का अंत

19 वर्षीय दिशा कड़कड़ाती धूप में कन्या उच्च विद्यालय बोकारो से घर की ओर जा रही थी उसके साथ उसकी सहेली नीलू भी थी। दिशा और नीलू बचपन ... Read more

क्या ये दुनिया शराब सी शराबी है।

क्या ये दुनिया शराब सी शराबी है। या मुझमें ही कोई खराबी है। शायद इश्क़ ही ना हुआ मुझसे या मेरी महबूब तू किताबी है। ... Read more

1014 श्याम की बँसी, राधा की पायल

श्याम की बँसी, राधा की पायल, से जब, जग गुँजायमान होता है। राग सजता है, धुन बजती है, धरती पर स्वर्ग सा गुमान होता है। नाचने लगत... Read more

कहाँ से कहाँ आ गये हम

कहाँ से कहाँ आ गये हम जवानी से बुढापे की दहलीज तलक आ गये कहाँ से कहाँ आ गये थे पहले गेंद मुलायम आज फुटबॉल हो... Read more

अधूरी है जिन्दगी

अपनों की यादोँ सेे भरी है* *जिंदगी* *सुख और दुःख कि पहेली है* *जिंदगी* *कभी अकेले बैठ कर* *विचार कर तो देखो* *मौत के बगैर अध... Read more

अवशेष

पलकों की छांव तले नेत्र ढूँढ रहे हैं अपने बहे हुए अश्कों के अवशेष जो कुछ दिन पहले महबूब की बेवफाई में बह गये थे ... Read more

दोहरी सोच

दोहरी सोच एक मँच पर एक समाज सेविका महिला पश्चिम परिधान मे स्वयं को लपेटे हुए व आधुनिक विचारों से ओत प्रोत अपने संबोधन मे... Read more

विदाई

आखों में आंसू संजोए हुऐ कर रहें हैं तुम्हे हम खुद से जुदा खुश रहो तुम सदा जहाँ भी रहो दे रहें है तुम्हे हम दिल से दुआ सुंदर ... Read more

नववर्ष मुबारक

दिल में बहार हो, ख़ुशी की फुहार हो, पूरी हर मुराद हो, जिन्दगी आबाद हो, जीने की उमंग हो, प्यार की तरंग हो, कोई भी नंग हो, न ही ... Read more

मुसाफिर

सुनो मुसाफिर सुनो मुसाफिर जाने वाले, बात जरा ये सुन जाना । घर में बैठीं आस लगाए, याद उसे भी कर लेना। 1.बिन माली के कोई पौधा,... Read more

आँखें

झील सी गहरी आखों में कोई राज छुपाए रहती हो राज के गहरे आँचल में कोई ख्वाब सजाए रहती हो ख्वाब के धुंधलेआइने में इक तस्वीर ब... Read more

ठहराव

गलत तो कभी नहीं था शायद पर गलत ठहराया जाता हूँ मैं हमेशा दुसरो को समझता रहा पर नासमझ ठहराया जाता हूँ मैं शिद्दत से की मोहब्बत मह... Read more

आज के रिश्ते

आज के युग के रिश्तों के माइने कुछ इस कदर बदल गए हैं कि चोली दामन का साथ सा रिश्ते भी कुर्ते-पजामे से ढीले हो गए हैं जो कभी गत क... Read more

मित्रता के भाव

मित्र दिवस अवसर पर प्रस्तुत हैं ये भाव जीवन में इनके आने पर होते पूरे सब चाव जब कभी तनाव में होता है कोई इन्सान मित्र राम बाण बन ... Read more

पंजाबी लोक बोलियां

1.बदला विच चन्न चमके अज मेरे माही ओणा मेरा धक धक दिल धड़के 2.सड़कां ते धूड़ पई अज माही विछड़ गया मेरे दिल विच्च टीस पई 3.कोठे ते ... Read more

धारा 370

न्यारा था जो हिन्द से अब तक आज हमारा हो गया स्वर्ग से सुन्दर जान से प्यारा कश्मीर हमारा हो गया एक देश में एक ही कानून का फतवा जारी... Read more

प्रेम भरी चिट्ठियाँ

अतीत के गर्भ में खो गई मेरी प्रेम भरी चिट्ठियाँ बेहतरीन थी प्रेम की चासनी में डूबी हुई चिट्ठियाँ प्रेयसी से अतरंग प्यार की भावन... Read more

सोच

सोचता हूँ जब कभी शून्यता के अक्ष पर एकांत में शान्त से गंभीरता के भाव से दिनकर क्यों दिन भर अथक असहनीय असीमित अधिकतम तापमान म... Read more