कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

नर्म लाल लहू से अधर

भानु सी अंगीठी में तप रहे हैं अंगार सी गर्म सांसें उगल रहें हैं उसके नर्म लाल लहू से अधर व्याकुल हैं मिलने को मेरे अधर जो हैं ... Read more

जीवन

पल पल निकलता जीवन हर पल पल को तू जी ले कभी धूप कभी छांव जीवन रंगों की छाया कभी सूर्य चमकता जीवन कभी काले बादल की छाया जोरो... Read more

बुरा लगा

बुरा लगा, जब कहना चाहिए था बहुत कुछ, उन तानों के बदले में, जो स्त्री होने के लिए मिले, पर कह ना पाए, बुरा लगा, जब करना चाहिए था... Read more

अब तो जाग उठो इंसान

अब तो जाग उठो इंसान क्यों बन बैठे हो शैतान कहाँ फुर हुई इंसानियत तुम में घर है हैवानियत तुम्हारे अंदर हैं छिपे चोर मोह,लोभ... Read more

बुढापा - मजबूरी नहीं

मन के हारे हार है मन के जीते जीत कम मत होने दो उत्साह मन में खुश रहो संतुलित खाओ घुमो फिरो व्यायाम करो नाती पोतों के साथ ... Read more

रोम रोम में ओम भर जाये हमारे ---आर के रस्तोगी

रोम रोम में ओम भर जाये हमारे | प्रभु, ऐसी शक्ति हमको दीजिये || छल कपट से कोसो दूर रहे हम प्रभु | बस अपनी भक्ति में लगा लीजिय... Read more

सतगुरु नानक जग ते आया

सतगुरु नानक जग ते आया सतगुरु जी बेड़ा पार लगाया बेड़ा पार लगाया सतगुरु जी सतगुरु जी बेड़ा पार लगाया दीन दुखिया लोकां दा वाली क... Read more

किस्मत.....

कितनी शामे बस यू ही तन्हा गुज़र जाती हैं! तेरी यादे साँसों में जुनूँ बन के उतर जाती है! वक्त का क्या हैं गुज़रा हैं कुछ गुज़र जायेग... Read more

कमाल करते हैं.....

हम तो बस शायरी में ही बात करते हैं! बात जब भी करते हैं कमाल करते हैं! जिनको हम पहले बयां भी न कर सके! आज वो भी इश्क़ का इज़हार कर... Read more

प्रदूषण

‌ सुबह सुबह जब सैर को निकलता हूं ।तो देखता हूं कि चारों तरफ कोहरा सा छाया हुआ है।जहाँ खुली हवा होना चाहिए वहां पर अजीब सी घुटन महस... Read more

एक विडम्बना

परेशान इन्सान रसातल में जाती इन्सानियत दुषित पर्यावरण फैलता प्रदूषण हर जगह भीड़ बढती मंहगाई विदेशों का चस्का उपेक्षि... Read more

आशीष

मुझको का सब आशीष मिले, प्रभु ऐसी ज्योती बन जाऊँ। और भाई-बहन की आशाओं का, कोई खजाना बन जाऊँ।। और बनू उस माला का मोती, जो निस-दिन ... Read more

जिम्मेदारियां

नातों का प्रेम भाव यार की यारियां सब पे भारी पडी़ं चंद जिम्मेदारियां ऐसा आया तूफां की उजड़ गए सभी देखे रस्ता बहारों की फुलवारियां... Read more

सर्द मौसम में तेरी गुनगुनी याद

जब भी सर्द मौसम में तेरी, गुनगुनी याद सरसराती है । इन्द्रधनुष को खिलाने के लिये, बादलों से धूप टपक जाती है ।। जब कभी वक़्त की... Read more

【20】 भाई { Brother }

भाई - भाई का प्यार भेदभावों में, रहकर सिमट गया भाई को थी कभी जांं न्योंछावर, मिटी हुई अब शर्मो हया {1} कभी भाई का भाई से रिश्ता, ... Read more

जो उसके लौट आने का पैगाम आ गया

जो उसके लौट आने का पैगाम आ गया बेचैनियों को थोड़ा सा आराम आ गया रुसवाइयों के डर से लिया जो कभी न था अनजाने में लबों पे वही ... Read more

कभी कभी

मैं भूल जाऊँ तो तुम याद दिलाना कभी-कभी.. चलते राह में कंकड पत्थर भी मिलेंगे कभी-कभी.. यूँ जो दरिया है नदी के इस पार का उस पार ... Read more

मुलाक़ात बहुत है....

वो कह के चले इतनी मुलाक़ात बहुत है! मैने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है! ये दुनिया मुझे जाने या न मुझे पहचाने! पहचाना तेरी नज़रो न... Read more

दुनिया-ए-दस्तूर

दुनिया-ए-दस्तूर को हम अब निभाएं कैसे! पास जब चाहे उसके जाना तो जाएं कैसे! मेरी खामोशी ही मुहब्बत हैं एे मेरे सनम! लफ्ज़ो को अपने... Read more

क्या करूँ.......

क्या करूँ तुझसे कोई बात ही नहीं कह पाता हूँ मैं! शायरी के शौंक मे ज़ज़्बातो को लिख जाता हूँ मैं! बता देता हूँ बेपरवाही में ज़माने क... Read more

ज़िन्दगी.....

बस सबके हाथों यूँ ही फ़िसलती जा रही हैं! ज़िन्दगी साल दर साल निकलती जा रही हैं! ख्वाहिशें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रही!... Read more

हमारी आँखे

हम तो सबसे मुस्कुरा के मिलते है! अपने सारे गम छुपा कर मिलते है! हमारी आँखे तो सच बोल जाती है! इसीलिये नज़र झुका कर म... Read more

विन पैसा न होता मीत

ट्रेन मे पैसे खूब कमाता , विन पैसा न होता मीत पैसों में दे दे देता सीट , काले कोट बहुत भयभीत एक कोट जब जाये कचहरी, प... Read more

मेरे मन की आवाज

मेरे मन की आवाज मुझे डर है कि हिन्दी साहित्य कहने लगे कि आजकल चोरो की भरमार हो गई है आजकल के तो चोर मेरे शब्द कोश मे से शब्दो को च... Read more

खेती से लगे घाटे

लाचार हुआ बेबस, खेती से लगे घाटे भूखे फिरत है बच्चे, टूटी पड़ी है खाटें न सोते वो घरों मे, खेतो मे रात क... Read more

मेरी दोस्ती

खूबियाँ इतनी भी नहीं कि किसी को याद आएँगे! ऐतबार है हमे खुद पर, आप हमे भूल नही पाएँगे! उठा लो जितना चाहते हो फ़... Read more

दिल की बेकरारी

जब भी तुम को हम पे प्यार आया! दिल की बेकरारी को करार आया! मैने सोचा जो तुम को तो सँवर गये! फ़ूल से चेहरे पर और निखार आया! 🍁- An... Read more

रोशनी

चिरागो की तरह हम खुद जलते हैं सब के अंधेरे को दुर करते हैं! इंतज़ार में नहीं बैठते मंजिल के खुद को जलाकर रोशनी कर... Read more

अफ़साने

न जाने मुहब्बत में कितने अफ़साने बनते हैं! शमा जिसको भी जलाये वो परवाने बनते हैं! हासिल ही करना नहीं होता इश्क़ की मंजिल! किसी को... Read more

मतलबी रिश्ते

बे-इन्तेहा ही अज़ीब हैं आज कल के ये रिश्ते! मतलबी हैं लोग यहाँ और मतलब के ये रिश्ते! कैसे करू भरोसा अब मतलब की दोस्ती पर! मतलब क... Read more

एक झलक

गर एक झलक मिल जाए दिन ईद का हो जाये! और हम भी करे दुआएं तेरा दीदार हो जाये! तस्वीर तेरी लेकर जो ... Read more

गर कोई मिला होता

गर कोई मिला होता जिस पे दुनिया लुटा देते! सबने हमें दगा दिया किस किस को भुला देते! दिल के दर्द को कब से दबा कर रखा हैं हमने! गर... Read more

क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा

दिती देश उतो वार ,अनमोल जिंद जान आजादी लई कर दिती जिन्दगानी कुर्बान माता साहिब कौर दा सी अखियाँ दा तारा पिता मंगल सिंह दा सी इ... Read more

ग़ज़ल .....घर अपना चलाता हूं

घर अपना चलाता हूं =============== किसी के भी पसीने की, सही कीमत चुकाता हूं मैं भी मजदूर हूं यारों, बहाकर ही कमाता हूं ... Read more

तुम्हारी आँखों में आँसू,चेहरे पर बेबसी थी --आर के रस्तोगी

जब दरवाजा खोला,तुम्हारी आँखों में आँसू चेहरे पर बेबसी थी | पहले क्यों नहीं बताया तुमने,मेरी ऊँगली दरवाजे में फंसी थी || गमले के ... Read more

शायरी

समंदर की गहराई से मोती धुंड लाओ, सायारो के शेर की गहराई धुंड लाओ, और क्या कहते रहते तुम मेरे बारे में आक्सर, जाओ बाज़ार वहां से ... Read more

" आँखों से मोती ढलते हैं " !!

पीड़ा से अनबन हो जाये , आँखों से मोती ढलते हैं ! आशाओं के दर्पण चटके , छन से तो आवाज हुई ना ! यायावर सा जीवन भटके , कभी कोइ मन... Read more

लघुकथा

एक मनचले ने किसी गरीब के हाथ से रोटी छीनकर एक कुत्ते को डाल दी। गरीब ने मनचले को जब पकड़ कर मारना चाहा तो कुत्ते ने उस गरीब को क... Read more

फ़िरते रहे थे हम

चढ़ते रहे गिरते रहे उतरते रहे थे हम !! तस्वीर तेरी लेकर फ़िरते रहे थे हम !! जाने क्या होगा अपना मिलने... Read more

नींद

नींद ------ जब भी सोना तो सबको माफ करके सोना ! बच्चे की तरह निष्पाप होकर सोना ! दिल से नफरत साफ करके सोना ! गल्तियों का हिसाब... Read more

दुनिया-ए-दस्तूर

दुनिया-ए-दस्तूर को हम अब निभाएं कैसे! पास जब चाहे उसके जाना तो जाएं कैसे! मेरी खामोशी ही मुहब्बत हैं एे मेरे सनम! लफ्ज़ो को अपने... Read more

अभी तो बात बाक़ी हैं

अभी आये अभी बैठे अभी तो बात बाक़ी हैं! अभी तो सिर्फ भीगे हो पूरी बरसात बाकी है! अभी तो रात बाकी हैं ... Read more

आप मेरे हो

आप मेरे हो, मगर इस से इंकार करते हो! मगर पुछने पर भी रुसवा बारम्बार करते हो! यूँ तो बनाते हो तुम ज़माने भर की बातें! मगर बात... Read more

गुनगुनाते रहेंगे

हम आपको तन्हाईयो में सजाते रहेंगे! उम्र भर बस आप को गुनगुनाते रहेंगे! कोई गिला नहीं आप की खामोशी से! बस खुद की सुनेगे और सुनाते... Read more

दिल के ज़ख्म

दिल के ज़ख्म तेरी यादों से भर लेते है! बस इसी बहाने तुमको याद कर लेते है! बहुत शिकायते है मुझे तुझसे ऐ ज़िन्दगी! हम तो तेरी मुस... Read more

*धन ही बलवान *

धन होय, मानव फुदकता। धन् न होय, बिल्ली सा दुवकता, कम करें खर्चा, होवे चाहू और चर्चा, कंजूसी की मिले उपाधि। धन अभाव में जिंदगी... Read more

तुम से मिली नज़र

तुम से मिली नज़र दिल बेकरार हो गया! ये दिल भी तो तुम्हारा तलबगार हो गया! सब ने हमसे पूछा कि तुम्हें क्या हो गया! हमने भी कह दिया... Read more

इश्क़ का चिराग

हर कदम पर मै सपने सजाता ही जाऊंगा! जितने भी जख्म दोगे भुलाता ही जाऊंगा! लगने दो मेरे सर ज़माने भर की तोहमतें! इल्ज़ाम सब मैं सर प... Read more

कुछ और लम्हा

कुछ और लम्हा मैं तो तेरा साथ चाहता हूँ! आँखों में जम गयी वो बरसात चाहता हूँ! सुना हैं मुझको बहुत चाहते हो तुम मगर ब... Read more

तुम्हारी यादें

तुम्हारी यादें रोज़ ही तड़पा रही हैं हमे! तुम्हारी हर वो आहट रुला रही हैं हमे! बेइन्तहा इश्क़ किया हैं हम ने तुम को! अब वही चाहत ... Read more