कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

चांद

चांदनी रात है चांद ऊपर नहीं ।। ढूंढो ढूंढो सखी होगा भीतर कहीं ।। छुपके आया मगर है ये सबको खबर हो परदेशी भला उसका पीहर यहीं ।। Read more

दो मुक्तक

जाग जाओ अब जाग भी जाओ, दूर करो सब अंधयारी l भारतमाता बिलख रही अब, बन जाओ तुम चिंगारी ll पुरखो की तुम न कटबाओ मत लजबाओ महतार... Read more

प्यारी सीख

क्या है हिंदू, क्या है मुस्लिम, क्या अल्ला श्री राम है l हम सब भारत माँ के बेटे, हम ही भगत कलाम है ll ईश्वर अल्लाह और बिधाता इनक... Read more

सत्य, क्षमा, वरदान

1 क्षमा क्षमा माँगने से नहीं, होती छोटी जात और क्षमा के दान से, बनती बिगड़ी बात 2 सत्य माना राहें सत्य की, होतीं कांटेदार... Read more

एक के साथ दूसरा चांद

एक चांद के साथ चांद का होता है दीदार दाम्पत्य प्रेम प्राकट्य का यह पावन त्योहार। पति के दीर्घजीवी की रहती सबकी आस इसी हेतु मे व्र... Read more

दुश्मन बना लिया

इक शख्स को तो पा लिया मैंने जग को दुश्मन बना लिया मैंने उसको सर पर चढ़ा लिया मैंने फिर नतीजा भी पा लिया मैनें उसन... Read more

प्रेरणा

चँंद्र किरण प्रकाश में करो ना प्रयत्न खोजने भाग्य रेखाए्ँ। जागो नवप्रभात यथार्थ रवि आगम प्रकाश पुँन्जौं में खोजो नई दिशाएंँ। भंग... Read more

नारी

मनीषियों संतो शूरवीरों की जगत जननी । ममता से सहेजती संस्कारों से सँवारती त्याग की प्रतिमूर्ति । जीवन पथ पर बनी प्रेरणा स्रोत वह ... Read more

दौड़

मैं देखता हूं कि मैं चारों ओर से आती भीड़ से घिर गया हूं । लोग मुझे धक्का मारकर आगे निकल जाते हैं । मैं धक्के खाकर एक तरफ खिसक प... Read more

जनक छंद (2019 चुनाव)

जनक छंद (2019 चुनाव) करके सफल चुनाव को, माँग रही बदलाव को, आज व्यवस्था देश की। *** बहुमत बड़ा प्रचंड है, सत्ता लगे अखंड है,... Read more

धारा

कोमल सामान लिए हर किसी को अपने में समाहित किए अनवरत उसकी बढ़ते रहने की प्रकृति सतत। कभी तोड़ती दंभ इन चट्टानों का विकराल । कभी म... Read more

ग़ज़ल (तुम्हारे लिए घर सदा ये)

ग़ज़ल (तुम्हारे लिए घर सदा ये) 122 122 122 122 तेरे वास्ते घर सदा ये खुला है, ये दिल मैंने केवल तुझे ही दिया है। तगाफ़ु... Read more

हाइकु (नव-दुर्गा)

हाइकु (नव-दुर्गा) शैलपुत्री माँ हिम गिरि तनया वांछित-लाभा। ** ब्रह्मचारिणी कटु तप चारिणी वैराग्य दात्री। ** माँ चन्द्... Read more

भाव गणित

खुशी बाँटने से बढ़ती है। दुःख बाँटने से कम होता है। ज्ञान बाँटने से बढ़ता है। दान देने से धन बढ़ता है। अहंकार से क्रोध बढ़ता है। ... Read more

करवा चौथ पर आरती

करवा चौथ पर आरती ओम जय पतिदेव प्रिये स्वामी जय पतिदेव प्रिये। चौथ मात से विनती-2 शत शत वर्ष जिये।। कार्तिक लगते आई, चौथ तिथ... Read more

संकल्प

प्रखर ज्योति की सुन्दर ज्वाला क्यों धधकी बनकर दावानल। स्वेद से सींचा जिस महितल को क्यों स्निग्ध है रक्त कणों से। प्रेम से अंकुरित कि... Read more

जिंदगी एक सीधी सड़क नही

जिंदगी एक सीधी सड़क नहीं, गर सड़क भी है तो कई मोड़ हैं इसमें; ये महामार्ग है अपने देश की, कभी समतल तो कभी जोड़ हैं इसमें. आभास... Read more

सुनहरे पल

कुछ बीते हुए लम्हे पास आ जाते हैं । जब हमें कुछ अपने याद आते हैं। कुछ मीठी मीठी बातें, कुछ गिले शिक़वों का सिलसिला । कुछ उनका रूठन... Read more

जल

जीवनदायनी प्राणिमात्र की सृष्टि रचयिता तुम हो तुम विहीन सब व्यर्थ अर्थ हैं । सब स्पंदनहीन पाषाण निमित्त हैं। तुम जननी विशालहृदयनी।... Read more

सांवरिया रे...

सावरिया रे मोरे अंगना में आओ जी अब नैनन प्यास बुझाओ जी हम पुष्प बिखेरत , दिए जलावत सखियन संग गीत गावत आँगन खूब सजायो ज... Read more

गांव याद आ रहा है

गांव से निकले थे हम , परदेस भा गया था जब आज अब इस धूप में छांव याद आ रहा है गांव याद आ रहा है ! नीब की निंबोलि... Read more

लघुकथा ‘कल की आहट’

दीपक अपने दादाजी के साथ सलाना नतीज़ा लेने स्कूल गया| स्कूल में बच्चे अपना रिजल्ट कार्ड ले और नई किताबें कापियाँ ले बहुत खुश हो रहे थे... Read more

स्वाभिमान की चिड़िया

स्वाभिमान की चिड़िया भी लगती बिलकुल अलबेली है। सबको अच्छी लगती है पर उड़ती निपट अकेली है। नाज़ुक इतनी होती है, बातों से घायल होती है।... Read more

बस मुहब्बत कीजिये

बस मुहब्बत कीजिये #पंडित पी के तिवारी (लेखक एवं पत्रकार) इ श्क की ही तरह मुहब्बत शब्द भी प्रेम के अर्थ में खूब इस्तेमाल होता ... Read more

"हे प्रार्थना यही" # 100 शब्दों की कहानी#

"हे प्रार्थना यही" जिंदगी की विषम परिस्थितियों से गुजरने के बाद सितंबर 2018 से इस मंच पर मैंने हिंदी और मराठी दोनों ही भाषाओं मे... Read more

"सच्चा प्यार" #100 शब्दों की कहानी#

"सच्चा प्यार" सच्चा प्यार ही तो किया था पूजा ने शिक्षक जोसेफ से और प्यारी सी गुड़िया के साथ जिंदगी बसर हो रही थी, पर दोनों के ब... Read more

खुला आसमान चाहिए

खुला आसमान चाहिए *** *** *** चन्द ज़मीं का टुकड़ा नहीं मुझे पूरा जहान चाहिए, मैं बेख़ौफ़ परिंदा हूँ मुझको खुला आसमान चाहिए !! ! क... Read more

मिट रहा प्रकृति श्रृंगार – डी के निवातिया

****** ऋतुओं के संग-संग मौसम बदले, बदल गया धरा पे जीवन आधार, मानव तेरी विलासिता चाहत में, उजड़ रहा है नित प्रकृति का श्रृंगार, द... Read more

करवा चौथ – डी के निवातिया

सोलह श्रृंगार, सुहागिनी गहना, प्रीतम प्यार !! ! करवा चौथ अनुपम त्योंहार महत्ता प्यार !! ! याम को मात, बचायें पति प्राण, ... Read more

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दों की औषधि

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दो को औषधि #पंडित पी के तिवारी मुस्कान किसी भी व्यक्ति के हृदय की अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करती ह... Read more

सफलता और रहस्य

जो लोग असफल यानि फेल्योर होते हैं वे होते ही हैं इसीलिए होते हैं 👇 ( कारण कोई खास या विशेष / गुप्त या रहस्य नहीं. बातें पुरातन... Read more

मै तुम और हम

तुम बिन मैं नहीं मैं बिन तुम नहीं मैं तुम से हम हैं हम से मैं तुम हैं जब मैं तुम हम फिर क्यों है गम हम सी से है दम ना ... Read more

"कारवा चौथ"

"करवा चौथ" करवा चौथ, आज बीतें बरस, पिया! तेरे इंतजार में। मन पुलकित, पल छिन, देखुंगा आज तुम्हें, चांद के रूप में! ... Read more

हार न मानो,

सदा सफलता चरण चूमती, हार न मानो, सम्बन्धों को जीवन में व्योपार न मानो. चरैवेति ही जीवन का सिध्दान्त सदा से, कठिन परिश्रम को जीवन ... Read more

"सुहागन" #हिंदी कविता"

शीर्षक -"सुहागन" पिया तोसे कैसे कहूं मैं मन की बात साथ तेरे जिंदगी की धूप-छांव में बह रही हूं मैं करती हूं सदा तेरी ही... Read more

करवाचौथ

यत्र व तत्र प्रेम शांति अमृत सती सावित्री नारी वो नारी जगत की जननी सत नमन युग का दुःख ह्रदय मे लुप्त कुसुम तुम... Read more

मन्नू की आत्मजा

मि मि मि मि बोल रही है करवट लेकर वो लेटी है शायद अब पहचान हो गई ४ महीने की मेरी बेटी है मम्मी पल भर दूर चली तो उसको अब यत्र त... Read more

कहार

क्षितिज पर दिखते है वो कहार, इस क्षण नयनो को मेरे यार, झरने दृग जल के बहते है उसमे बैठा है मेरा प्यार. उनसे एक बात थी कहनी, स... Read more

साकी तेरा काम है कैसा

कैसा जीवन यापन करता वो सबके पात्रों को भरता समाज और परिवार के साथ समय बिताने को वो मरता . दिनचर्या को अपनी भूलकर आधुनिक जीवन ... Read more

सखी और सम्बन्ध

न कोई है रिस्ता न कोई है नाता शायद इसे लिखने भूले बिधाता अगर धागे उससे जुड़े ही न होते तो हर रोज उसको क्यों झरोखे मे पाता निरंत... Read more

सत्य धरा का

सत्य है कुछ नहीं धरा पर सिवाय उस अजेय मृत्यु के जन्म सच नहीं कर्म सच नहीं ये सामाजिक बंधन और रिवाज साथी सच नहीं, शादी सच नहीं ... Read more

मुक्तक

१. बस चाहतें ज़िंदा रहे जिंदगी की सूर्यास्त होने तक दिल का क्या है वो तो आज धड़का कल भूल गया। ...सिद्धार्थ २. किसी को परवाह नह... Read more

भाषा अपनी गरिमा खोती जा रही है

बुजुर्गों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल करना हमारी संस्कृति का हिस्सा ही नही था कभी। लेकिन इस की शुरुआत हुई हमारे देश में . थोड़ी देर के ... Read more

जय हो

मुझे पता नही ये मैंने क्या लिखा है, पर कुछ तो है... अपने आप को बचाईये, अपने होने को जाया मत जाने दीजिए ; युद्ध जब धर्म के नाम हो ज... Read more

मुक्तक

है बहुत घना अंधेरा, शब भी निशब्द है मगर जिद पे जुगनू आजाये तो अंधेरा कहां टिक पायेगा। रात की औकात क्या अंधेरे में भी वो बात कहां... Read more

प्यारे दद्दा जी

आज के दद्दा सुन भैया, देखो का का है कर रये l मूंछो पे जे ताब है दे रये, संगफंटीआ नई धर रये ll व्याह बराते जा रये तो , खुल ... Read more

करवाचौथ

करवाचौथ पति पत्नी के प्यार का है त्यौहार करवाचौथ प्रेम का एहसास मेल की आस दीर्घ आयु का सेवन है केवल प्राणवायु का स... Read more

करवाचौथ

करवाचौथ का दिन होता हैबहुत खास भार्यां चाँद से करे भर्या दीर्घायु अरदास तारों की छाँव में खा पीकर करे तैयारी नहा धोकर सजती संवर... Read more

करवाचौथ पर मेरे पति --आर के रस्तोगी

भला है,बुरा है,मेरा पति मेरा सुहाग मेरा ख़िताब तो है भले ही पन्ने पुराने हो, वो मेरे दिल की किताब तो है क्यों निहारु दूर के चाँद ... Read more

गजल - न छोड़े साथ जीवन भर वो जीवन संगनी हो तुम

न छोड़े साथ जीवन भर, वो जीवन संगनी हो तुम।। अधूरी जिंदगी तुम बिन, मेरी अर्धांगिनी हो तुम।। सदा सुख दुःख का इक साथी, दिया मैं वो म... Read more