कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाशेरकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

दिल लगा बैठे

आपसे जबसे दिल लगा बैठे। ख्वाब पलकों पे हम सजा बैठे।। ढूंढते खुद ही आ गए आखिर। पूछने जिसका हम पता बैठे।। मन मेरा बन गया है दे... Read more

जुवां से क्यों नहीं कहतीं कि मुझसे प्यार करती हो

यूँ आँखों आँखों में तो हर दफा इज़हार करती हो। जुवां से क्यों नहीं कहतीं कि मुझसे प्यार करती हो। गुलाबीलब,खुलीजुल्फें लगाकर नैनोंम... Read more

क्या खूब भाई साहब अमीन सयानी

क्या खूब भाई साहब अमीन सयानी ये दुनिया तेरी आवाज़ की दीवानी क्या कहने हैं बिनाका गीतमाला के रहती दुनिया तक रहेगी तेरी निशानी Read more

गाँठ

गाँठ **** मत बांधिए खोलिए मन के गाँठों को क्योंकि ये आपको तड़पायेंगे,रूलाएंगें, आपका सूकून, चैन भी छीन ले जायेंगे। अब भी समय ... Read more

हिन्दी पढ़ाओ

हिन्दी पढ़ाओ ************ ये कैैसी विडम्बना है कि चौहत्तर साल बाद भी हमारे देश की अपनी राष्ट्र भाषा नहीं है, हमारी मातृभाषा ... Read more

मनहरण घनाक्षरी

🌲[19/09/2020 ]🌲 🌴मनहरण घनाक्षरी, 🌴 🌷प्रथम प्रयास🌷 🌱8,8,8,7 अंत लघु गुरु से🌱 (◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕) प्रथम नमन करूँ... Read more

खामोश राहें

अतृप्त मन की मौन इच्छाएं जान सका न कोई अंतहीन सफर की खामोश राहें पहचान सका न कोई है हँसती आँखों में बेपनाह दर्द मान सक... Read more

चंचरी छन्द

चंचरी छन्द, प्रथम प्रयास (12,12,12,10) राम नाम जाप करे, पापों का भार हरे, कष्ट से उबार मिले, सत्य मार्ग चलिए । जेष्ठ का सम... Read more

अनंदवर्धक छन्द

आनंदवर्धक छन्द, प्रथम प्रयास 2122 2122 212 मिल रहे हैं ग़म मुझे प्यार से। बढ़ रहीं हैं दूरियां अब यार से।। यार बिन अब जिंदगी ... Read more

धर्म की कुटिल व्याख्या

संवाद के द्वार कब खोलोगे.? जब सब कुछ धर्म से तौलोगे । वर्तमान को विज्ञानं से कब जोड़ोगे.? जब हर विचार पर आस्था के रोड़े छोड़ोग... Read more

बुलन्दी

राह में अपमान कई सहने हैं अभी और तुझको ख़्वाहिश है बुलन्दी छूने की बेरहम दुनिया है ऊँचे ख़्वाब न देख क्यों ज़िद ठानी है तूने मर... Read more

जब आप सुबह उठ कर

जब आप सुबह उठ कर और रात सोने से पहले पेट को महसूस करते हुए रशोई की ओर देखते हैं खोजते हैं रशोइ की मालकिन को असल में आप खोज रहे... Read more

भजन *मैया घर मेरे भी आ जाना*

मैया घर मेरे भी आ जाना ! मुझको भी दर्श दिखा जाना !! मैया भक्त तेरे हम नादाँ हैं , थोड़ा ज्ञान हमें भी दे जाना ! तेरे प्यार के प... Read more

शाम

ज़िन्दगी जैसे थम गयी है घर के एक कोने में वहीं सुबह जगती है शाम तक आंखे जैसे दीवारें ताकती है।अजीब-सी व्यस्तता जो निरंतर कहीं मुझमें... Read more

कोरोना!एक वैश्विक आपदा

कोविड-19 एक वैश्विक आपदा है जिसने संपूर्ण विश्व के लोगों को घरों में बंद कर दिया है।सारा मीडिया जगत ही नहीं बल्कि हर ज़ुबां पर एक ही... Read more

{【ब्याज़ पे मदद 】}

V.k. Viraz शेर Sep 23, 2020
अपनों से ही तो बस ,अपनीयता दिखाती है। दूसरों पर तो दुनिया मदद,ब्याज पे उठाती है। By vk viraz Read more

( नमकहरामी )

V.k. Viraz शेर Sep 23, 2020
# खून में सबके नमकहरामी ही तो है। दुनिया के पास दुनिया की बदनामी ही तो है। Read more

!!!! अंदरूनी लिबास !!!!

V.k. Viraz शेर Sep 23, 2020
कहाँ देखती है दुनिया अंदरूनी लिबास को। लत्तों से पहचानती है ये सबकी औक़ात को। By vk viraz Read more

!:::बुरी राहें चलना मत:::!

तारीफ़ों की आंच से पिघलना मत चिनगारियों से कभी जलना मत। बुरी राहें मंज़िल तक क्यों न जाएं, साथ उनके कभी तुम चलना मत। By-वि के ... Read more

गांव लौट चलें

अंगूरी उदास और गहरे सोच में बैठी थी, किसी के आने की आहट से ध्यान भंग हो गया, सामने से सावित्री जीजी आते दिखाई देती हैं, अपने को संभा... Read more

राज्यसभा में माननीयों का कदाचरण

उच्च सदन में धूमिल कर दीं, सभी मान्यमर्यादाएं माननीयों ने किया कदाचरण, प्रजातंत्र में नहीं थी ऐंसी आशाएं? संसद के इतिहास में, न... Read more

वो बेफिक्र हो कर

वो बेफिक्र होकर के चलते रहे और आस्तीनों में सांप पलते रहे अगर देख लेते कभी गौर से तो होता न यह हादसा जो हुआ कभी आ... Read more

तिलका छंद

तिलका छंद ११२, ११२ (संगम, संगम) ------------------- शिव नाम हरे। प्रभु धाम हरे। शिव शंकर हे। प्रलयंकर। हे।। जग पालक हो। ... Read more

"पलाश"

मैं निहार रही हूं तुम्हें, मुग्ध हूं, तुम्हारे विराट सौन्दर्य पर, हे पलाश! क्या तुम से सुंदर कोई हो सकता है? तुम्हारे पत्ते हवा म... Read more

बहुत दहेज में क्यूँ मालो-ज़र नहीं आया

सफ़र शुरू भी हुआ हमसफ़र नहीं आया तलाश ख़ूब किया वो नज़र नहीं आया उसे करी भी ख़बर वो मगर नहीं आया इसी में हो भी गई दोपहर नहीं आया ... Read more

"मन के चट्टानों से"

मन के चट्टानों से, भावों का यूं टकराना। रह - रह कर, तह दर तह पर जाना। धार समय की यूं देखो, कैसे उमड़ उमड़ कर जाना। मन के चट्ट... Read more

ख़ामोश फ़ासले से रहे हैं किसी से हम

जितना क़रीब जा के मिले ज़िन्दगी से हम महसूस हो गया कि मिले अजनबी से हम ख़ामोश फ़ासले से रहे हैं किसी से हम देखा किये हैं रोज़ उन्ह... Read more

सत्ता की चक्की

दिल्ली में आजकल पिस रहा है तन-मन खेतों की किस्मत का तेरे-मेरे हम सबका पेट जो भरते भारत माँ के उन बेटों की किस्मत का इस ... Read more

किसी को ख़्याल में अक्सर तलाश करता है

किसी को ख़्याल में अक्सर तलाश करता है कभी वो ख़्वाब का मन्ज़र तलाश करता है उसे तलाश है हीरे की पत्थरों में सदा बड़े हिसाब से पत्... Read more

बेदर्दी बालमा

***** बेदर्दी बालम ***** ********************* बेदर्दी बालम जी कहाँ गए नहीं मिले हमें हम जहाँ गए छोटी सी बात बड़ी कर गए कर... Read more

एक वोट का किस्सा

अब नहीं है कुछ जो बीज थे वो बो दिए आस भी नहीं बंजर भूमि में खो दिए बिल्कुल बेसहारा नहीं भूख का खौफ है साथी बनी मौत है ग... Read more

प्यार से उसको ये गुलशन भी सजाते देखा

प्यार से उसको ये गुलशन भी सजाते देखा उसको नफ़रत की वो दीवार गिराते देखा था यक़ी सबको इधर आज न आयेगा वो जबकि महफ़िलल पे उसे बात ब... Read more

सिलसिले प्यार के

**सिलसले प्यार के** ***************** सिलसिले हुए प्यार के प्यार में एतबार के आँखें दो से चार हों आ गए दिन बहार के... Read more

शीरो

अधखुले दरवाजे के पूरे पाट खुलते ही वो सड़क की ओर दौड़ पड़ा और खुले आकाश को देखने लगा जहां बादल दायें से बायें तीव्रता से एक दूसरे को... Read more

*** बीज नेह के बो गया ***

नेह की हवा कुछ यूं बही, जिगर बागबा हो गया। क्या नाम दूं तुझे, होना था बस हो गया यो ही महकाते रहना, हमसफ़र सफर मेरा, तेरी हां तेरी... Read more

अलि (भँवरा)

अलि (भँवरा) मधुमास रूत कुसुमित उपवन झंकृत हर कण अलि गुंजन किलकित कलियों का मन पुलकित उन्माद भरा यौवन नव पंखुड़ियों का घूँ... Read more

प्रीत मंजिल का ख्याल है l

प्रीत मंजिल का ख्याल है l तेरी ही ओर, चाल है ll बस तू ही तो जवाब है l जहाँ प्रीत पे सवाल है ll अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

#दोहे नीति के

पानी होता सम पिता,बेटा-बेटी वृक्ष। लकड़ी दे ना डूबने,चाहे ऊँचा अक्ष।। गुरुवर विद्या धन रखे,करे शिष्य धनवान। ज्यों सूरज दे रोशनी,... Read more

गिला कैसा

सभी को यार मन माफिक नहीं मिलते, अगर धोखा दे जाए तो गिला कैसा ! तुझे समझा खुदा मैंने, खता मेरी, मेरी किस्मत मुझे साथी मिला कैसा ... Read more

!!!! कोरोना का काल है !!!!

कोरोना का काल है ,मन में उठते सवाल है । नियमों व शर्तों पर चलेंगे मिलकर हम , बदलनी पड़ेगी अपनी चाल है । जीवन को धन माने ,इसकी कीम... Read more

जिंदगी की कश्मकश

जो हार में जीत है, जो प्यार की रीत है जो वक़्त के विपरीत हैे, वो जिन्दगी का गीत है।। ये गीत है सुना सुना सा, सुन के अनसुना ज़रा सा... Read more

जो नारे लगा रहे थे

जो नारे लगा रहे थे जो नारे लगवा रहे थे उन दोनों का पेट भरा था जो चुप थे ... हाॅंथ बांधे सब देख रहे थे वो भूखे थे .... और रोट... Read more

सोचती हूं

सोचती हूॅं ... जिस दिन ये किसान सौंप देंगे धरती को अपना फावड़ा और हसूआ और देह के कब्र में दफना देंगे मिट्टी का मिट्टी से प्या... Read more

भूखे लोग

भूखे लोग खाली थाली बढ़ाते हैं कि थाली खाली है भरने का उपाय करो फ़कीर लोग उन्हें समझाते हैं खाली थाली बजाओ कि भूख डर कर भाग जाए ऎसा ... Read more

भाषण

जिस देश के लोग भाषण सुनकर ये कहे कि ... "नून रोटी खाएंगे फलाने को जीताएंगे" उस देश के लोगों को कोई अधिकार नहीं कि रोजगार की मांग... Read more

मुक्तक

बहुत शोर है वादी में कि आदम भूखा नंगा है मुझे ऎसा लिबास चाहिए भूख जिस में दिखता नहीं ~ सिद्धार्थ फिर तुम मुझे याद आए फिर यादों ने... Read more

लौट जाना नियति है ...

लौट जाना नियति है ... इसे स्वीकार करना कठिन है मगर असम्भव नहीं ... हम सभी लौट जाने के लिए ही आए हैं पेड़, पौधे, बादल, पानी, हम... Read more

भूतकाल से सीख

आज पन्नों को पलटकर देखा, भूतकाल को मुड़कर देखा। क्या खोया क्या पाया मैने, पूंछ्कर अपने दिल से देखा । कुछ मीठी यादें भी आई, कुछ दर... Read more

पत्ते कभी हरे थे

ये पत्ते कभी हरे थे, पेड़ पे लगे थे अब जर्द होकर गिर पड़े हैं समेट रही हूं अन्न पकाने के काम आएंगे ... भूख मिटाने के ये भी सहायक ... Read more

मुक्तक

अब कहीं भी चाय पे चर्चा नहीं होता चर्चा तो होता है अगर्चा चाय नहीं होता ~ सिद्धार्थ भूख से बड़ा कोई भी धर्म नहीं रोटी से बड़ा क... Read more