कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकुण्डलियाकहानीहाइकुघनाक्षरीबाल कवितातेवरीकव्वाली

"माँ" काव्य संग्रह रचना सूची - साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता 2018

साहित्यपीडिया काव्य संग्रह "मां" के लिए रचनाओं का चुनाव कर लिया गया है। हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक रचनाओं को इस संग्रह में शामिल... Read more

जिंदगी जीने में मजा आ गया

जिंदगी जीने में मजा आ गया गमगीन शाम में मुस्कुराना आ गया ठोकरों से सीख हमको ये मिली बेजान पत्थरों से सर बचाना आ गया जब बहारों क... Read more

मुक्तक

रख दीजिए समय की धारा को मोड़कर, है संग आज हम सब निज स्वार्थ छोड़कर, ऐसा हो अब विकास कि फिर कभी किसान, देखे न आसमान को खेतों को गो... Read more

मुक्तक

मुहब्बत में मुहब्बत के सिवा सब मिल गया मुझको नही मिलना था उसको पर मेरा रब मिल गया मुझको किसी तपती दुपहरी में दिया जब आब प्यासे को ... Read more

गीत

हिन्दू मुस्लिम भेदभाव औ छुवाछूत के घृणित सवाल, चूर-चूर कर इन्हे फेंक दो, ऐ भारत माता के लाल, जो हिन्द की रक्षा पर, हँस-हँस कर मर... Read more

ग़ज़ल

किसी-किसी की नज़र आसमान होती है। हसीन ख्वाब जमीं शादमान होती है। जिन्हें है खौफ़ नहीं रास्तों की मुश्किल का बला का जोश इरादों म... Read more

868 बता मेरा कसूर क्या था

बदल गई नजर जो तेरी, बता मेरा कसूर क्या था। इश्क मुझे हुआ, ना तूझे हुआ, बता मेरा कसूर क्या था। आंखे तेरी है मय से भरी, नजर जो... Read more

अरदास करां

गुरु वाणी दा पाठ करां। तेरे आगे अरदास करां। कन्ना विच जेहडे़ शब्द पैण। उन्हानू आत्मसात करां। गुरु वाणी दा पाठ करां। तेरे आ... Read more

होली में

मिठास गुझिया की मिला इक बार बोली में। रंग खुशियों का भरेगा हर बार झोली में। लगाना प्यार से तुम रंग ऐसे हर एक चेहरे पे एकता के सूत... Read more

ग़ज़ल

221 2122 221 2122 "बेबसी" दिलदार की मुहब्बत बेज़ार लग रही थी। हर हार आशिक़ी में स्वीकार लग रही थी। उजड़े हुए चमन की काँटों... Read more

एक चिंगारी से "आदित्य" बनाने आया हूँ

घट में मेरे प्राण रहे ना रहे तरकश में मेरे बाण रहे ना रहे हाथों में मेरे प्रमाण रहे ना रहे इस युद्धभूमि में कर्ण सा केवल अपना व... Read more

मुक्तक

कल तलक थे जो लुटेरे अब विधायक हो गए हैं, ये जेब में कानून को रखने के लायक हो गए हैं, डाल रक्खी हैं नकेलें ज़िन्दगी की नाक में, चन... Read more

मुक्तक

वो चोर चौकीदार पे ताने खडा कमान है जिसे जानती है जनता वो स्वयं बेइमान है, सत्य और असत्य मे जंग फिर से है छिडी सत्य के ही साथ में... Read more

व्यंग्य- बुंदेलखंडी बोली में

*व्यंग्य- बुंदेलखंडी बोली में* ✍🏻 *अरविंद राजपूत 'कल्प'* रे मेढ़क जैसे मत टर्राओ, उछलकूंद ने ख़ूब मचाओ। वे-मौसम तुम ... Read more

मुक्तक

देखिए जरा गौर से तमाम बोलने लगे, वन्दे मातरम नमक हराम बोलने लगे, राम का कभी जो अस्तित्व भी न मानते थे आते चुनाव वो जय श्री राम ब... Read more

समस्या तू रंग बदलती है।

महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन का सिद्धांत है कि ऊर्जा ब्राह्मण में नष्ट नहीं होती है केवल उसका स्वरूप बदलता है।मैंने भी गहन विश्ले... Read more

कविता

अच्छी कविता संदेश सुनाती है देती है ज्ञान मन हर्षित हो तन लगे नाचने यही कविता सुन वनिता मेरी एक कविता भावों की माला ... Read more

बुझ तो सबको जाना है

दीया हो या सूरज। बुझ तो सबको जाना है। दिये को तो फिर भी मैं जला रखूं कल तक। सूरज को तो आज की आज ही, बुझ जाना है। कोई कितना भ... Read more

दालान के वे दिन !

दालान के वे दिन ! _______________ वर्ष के सबसे काठिन्य दिनों में भी , बसंत में परिवेष्टित डूबा हुआ , न कुंठित न स्तम्भित श्वा... Read more

मुक्तक

अब तक का इतिहास यही है, उगते हैं कट जाते हैं हम जितना होते हैं अक्सर, उससे भी घट जाते हैं लोगों की पहचान तो आख़िर, लोगों से ही होत... Read more

फैसले जिन्दगी में

दिनांक 25/3/19 दौराहे पर अटक जाती है जिन्दगी कभी-कभी एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ होती है खाई यहीं फैसले होते है अहम ज... Read more

दुश्मन को कभी मित्र न मानो (एक बाल कविता)--आर के रस्तोगी

मिली कही तुलसी की माला | लेकर उसे गले में डाला || तन पर अपने राख लगाई | बैरागी सा रूप बनाया || बिल्ली चली प्रयाग नहाने | चूहों ... Read more

ग़ज़ल:- छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम

छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम। काँटे ही तो बिछाते हो गुलज़ार बनके तुम।। व्यापार ग़म का करते हो गमख़्वार बनके तुम। बेदर्दी दर्... Read more

" जय श्री राम "

श्री राम जय राम जय जय राम हर सुख दुख में लूं तेरा ही नाम। तू ही है मेरा जीवन दाता तू ही हमारा भाग्य विधाता तू ही बनाए मेरे बिग... Read more

र्शीर्षक # बस चलिए

जिंदगी है धोखा खाते चलिए अपने दिल को बहलाते चलिए कोइ दुश्मन बन कर जो आए उसे भी अपना बनाते चलिए यहां अपना बेगाना कोई नहीं... Read more

प्रवचन में मुनि ज्ञान ने

प्रवचन में मुनि ज्ञान ने, कही बात गंभीर औरों से दुनिया लड़े, लड़े स्वयं से वीर लड़े स्वयं से वीर, कहे तरुण सन्यासी सारी दुनिया आज... Read more

ग़ज़ल

एक प्रयास 122 122 122 122 कभी झूठ जग से छुपाया न जाए। छुपा कर दिलों में दबाया न जाए। लगी चोट दिल पे किसी के सितम से उसे पीर... Read more

राजनीति क्या है?

असंभव के विरुद्ध अनुशासन, अभ्यास, अनुभूति और अनुभव आधारित अलख स्वर्गीय कल्पेश याग्निक को अपनी प्रेरणा मानकर उनके प्रति मेरी श्रद... Read more

होली में क्या क्या होना चाहिए --आर के रस्तोगी

होली में जब तक हलवाई ना हो | देशी घी की मिठाई बनाई ना हो || गर्म गर्म भांग के पकोड़े ना हो | उन पर चटनी की लाग लगाई ना हो || तब ... Read more

राजनीति:- बदलती निष्ठा बदलती विचारधारा

पार्टी बदले, बदले नेता क्षण में बदल जाये विचारधारा ढंग न बदला राजनीति का तो फिर क्या बदला ? चुनाव का शोर कार्यकर्... Read more

ग़ज़ल

*फ़रेबी* फ़रेबी जात का आशिक वफ़ा को आजमाता है। जिसे कल फ़िक्र थी मेरी वही दिल को सताता है। सनम की याद के अहसास मेरे चाँद, तार... Read more

प्राण देकर शहीदों ने सजाया देश को अपने ।

प्राण देकर शहीदों ने सजाया देश को अपने । जुबां पर गान भारत का नयन में देश के सपने , प्राण देकर शहीदों ने सजाया देश को अपने न ख... Read more

कृष्णा ने पढाया नेतृत्व का पाठ

जीवन में नेतृत्व का बहुत महत्व है । एक कुशल नेतृत्व सफलता के सोपन तक पहुंचाता है । कृष्ण का कुशल नेतृत्व उनके जन्म से महाभारत तक ... Read more

वीर भगत सिंह

हो कर शहीद राजगुरू ,सुखदेव ,भगत सिंह, दे गए हमे आजादी , वीर गति से । किसी की हिम्मत नहीं थी , जो चलते थे सीना तानकर , सर... Read more

गुरुर मत करो

एक जबरदस्त रचना👇 "गुरुर मत करो" क्या लेकर आये है क्या लेकर जाएंगे । बिन कोई सन्देश दिए वापस हम लौट जाएंगे।। बन्द मुट्ठी... Read more

ग़ज़ल

*धोखा* 2122 1212 22/112 बस इसी बात का गिला मुझको। हर कदम पर मिला दग़ा मुझको। बेवफ़ा यार गैर सा निकला दाग़ मेरे दिखा रहा म... Read more

दिल की बात

मैं एक बार फिर उपस्थित हूँ आप सभी के मध्य अपने मन की बात रखने, नहीं, हृदय की बात रखने मन की बात तो मोदी जी रखते हैं।मैं मोदी जी की न... Read more

बचपन

बचपन कितना सुंदर होता, शब्दो से कहा नही जाता । कितना आनन्द हमें देता, सोच सोच मन हर्षित होता ।। काश दिवस वो फिर आ जाये, बन... Read more

दोहा

रंग लगा हर साल था नहीं लगा वो रंग। आज तिरंगा जो रमा तन मन मस्त मलंग।। अशोक छाबडा 21032019 Read more

नवरात्र विशेष

आओ श्रद्धा से हम कन्या पूजन करें मान उनका करें उनका वंदन करें सब बुरी आदतों का करें हम हवन अपने भावों को महका के चन्दन करें ... Read more

सोचते-सोचते

तुम्हारा प्रणय जो आँखों में दिखता है सच है या आँकलन मेरा! जीवन भर बसने का दृढ संकल्प है या परदेशी सा हृदय आँगन में केवल क्... Read more

आज फिर धुंधले हुऐ आईने समाज के.

आज फिर धुंधले हुऐ, आईने समाज के.... प्रेम प्यार सहयोग सहजता हैं गहने मानवीय मूल्यों में ... झलकते थे दिखते थे अंधकार में. ... Read more

सूरज कभी ढलता नहीं।

सूरज कभी ढलता नहीं बस धरती घूमती है शरहद का बेटा मरता नहीं बस धरती चूमती है बो खड़ा सीमा पर दुश्मनों के हर एक बार को बांधता बो ... Read more

तुमको नमन

आज शहादत पर उन वीरों की कितनों के झुकते हैं शीश। देश के लिए बलिदान हो गये स्वतंत्र भारत जिनकी है बख्शीश। स्मरण है किस क... Read more

ग़ज़ल

*बारिश* कँटीले तीर के खंजर चलाने आ गई बारिश। तबाही का हमें मंज़र दिखाने आ गई बारिश। लिपट कर ख़्वाहिशें दिल से फ़फ़क कर रो न प... Read more

गीत

सूरज को ढलते देख रहें हैं लाशों को चलते देख रहें हैं इस परिवर्तनशील समय को पल-पल रंग बदलते देख रहे हैं ज्वाला में देखी शी... Read more

एक चौकीदार............जागते रहो

आप चाय वाले परधान रक्षक बनो,भक्षक बनो,चोर बनो या बनो चौकीदार हमने आपके हाथों में ही दी थी इस अखण्ड भारत की सरकार हम सबको देखना है ... Read more

चली चली रे मोदी की हवा चली रे --आर के रस्तोगी

( चली चली रे पतंग मेरी चली रे गीत पर आधारित एक पैरोडी ) चली चली रे मोदी की हवा चली रे | ले के लक्ष्य तीन सौ के पार || हो के विक... Read more

ग़ज़ल

1222 1222 1222 1222 बारिश हमारी माँग मोती से सजाने आ गई बारिश। तुम्हारे नाम की चुनरी उड़ाने आ गई बारिश। धरा बेचैन होकर देख... Read more

ग़ज़ल

2122 1212 22/112 सिर्फ़ इस बात का गिला मुझको। खुद-ब-खुद वो डुबा रहा मुझको। बेवफ़ा यार गैर सा निकला दाग़ मेरे दिखा रहा मुझको।... Read more

कविता

बताये लाख ये दुनिया हमें नादान लिखना है बस अपने खून से हमको तो हिंदुस्तान लिखना है ये हिन्दुस्तान है हमको हमारी जान से प्यारा... Read more