कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

मुक्तक

छिपाये दिल में कोई दर्द का तूफ़ान लगते हैं, ये इनसां क्यूँ मुझे इक दर्द की मुस्कान लगते हैं, ये बिंदी, चूड़ियाँ, पायल, ये बिछुये, ... Read more

गज़ल

यूँ इज्जत ना अपनी मिटा दीजिए हर किसी पे न खुद को लूटा दीजिए, बाद माँ के झुको तो ख़ुदा के झुको सबके आगे न सर यूँ झुका दीजिये ... Read more

हरिगीतिका छंद तुलसी जयंती 07 अगस्त

हरिगीतिका छंद अनुपम प्रकृति सुंदर छटा, मन मोहिनी भारत धरा। है श्यामला शोभित धरा , पावन जलज अम्बर प्रभा । श्रीराम चरितम मानसम, ... Read more

बूँद ने कहा

बूँद ने कहा ‘पापा देखो कितनी सुन्दर पानी की बूँदें’ बिटिया ने उत्साहित होकर पापा से कहा था । रात में हल्की बारिश हुई थी । ... Read more

अचार

कच्चे-कच्चे आम का, माँ डालो न अचार। मिर्च मसाले साथ में, आता स्वाद अपार।।। 1 खट्टा मीठा सब तरह,माँ डालो न अचार। शौकीनो की फौज ... Read more

झूला पड़ गयो अमवाॅ के डार जी।

*झूला पड़ गयो अमवाॅ के डार जी।* संइया बिन मनवा संइया बिन मनवा संइया बिन मनवा न लागे हमार जी ए जी कोई ला दे बाकूं अम्बे कोई ... Read more

मानव और पतंग एक समान

जब हम पतंग उड़ाते हैं तो उसकी डोर हमारे हाथ में होती हैं मानव भी एक पतंग के समान है जिसकी डोर ईश्वर के हाथ में हैं पतंग का सिरा जि... Read more

लेख

*शिक्षा नीति पर समीक्षा के लिए मनाया पखवाड़ा* *मानव संसाधन विकास मंत्रालय को नवोदय क्रांति ने भेजे सुझाव* भवानीमंडी:- (राजेश पुर... Read more

भाई बनाम पड़ोसी

संयुक्त परिवार के बीच गृहस्थी ठीक-ठाक चल रही थी। बड़ी भाभी का व्यवहार वैसे तो ठीक था, लेकिन अंदरखाने उनका यही मानना था कि घर में जो ... Read more

ख़ास एवं अनमोल विचार

बहले जो समझे नहीं,सीरत नारी ख़ास। सीखी जिसने बात ये,वो नर नहीं उदास।। शस्त्र चलाएँ शत्रु पर,दिल में बसते मीत। दिल की बाजी हार के... Read more

गज़ल

नफ़रत के सारे ठिकाने हटा दें मुहब्बत भरी एक दुनियाँ बना दें, अहम की दिवारें नहीं मीत अच्छी बनाई हमीं ने चलो अब गिरा दें, दिल... Read more

लजा कर ठहर जायेगें

लजा के मुहब्बत ठहर जाएंगे हुआ हाल ऐसा किधर जाएंगे शमा जब जले बाति को देख कर तुझे ढ़ूढ़ तब ये नजर जाएंगै रचूँ याद में गीत तेरे ... Read more

भारत में महिलाओं की सुरक्षा

भारत में महिलाओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। आजकल महिलाओं के प्रति बढ़ते हुये अत्याचारों को देखकर देश की महिलाओं को बिल्कुल सु... Read more

ताकि पानी को न तरसें

पर्यावरण बचाने के साथ ही जल संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है। जल संरक्षण को ध्यान में रखकर अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ... Read more

कविता..... घरवाली

कविता..... घरवाली *************** नारी जब तक है कुंवारी! लगती है वह बहुत प्यारी!! जैसे ही आए ... Read more

आदमी परिचय का मोहताज़ है

*लोग यानि भीड़ *आदमी यानि बोझ तले दबा हुआ, *मनुष्य मतलब मन-अनुकूल *व्यक्ति यानि एकल *इंसान मतलब प्रकृति पर्सनैलिटी के दायरे स... Read more

गोल्डन गर्ल हिमा vs साक्षी

साक्षी vs हिमा अरे देखो जरा साक्षी, किया जो काम हिमा ने, बढ़ाया मान भारत का, पिता का नाम हिमा ने। महज उन्नीस वर्षो में, लिया है ... Read more

लघु कथा

लघु कथा दीपाली की नियुक्ति सहायक अध्यापिका के रूप में नगर में हुई थी |उसका अध्यापन कक्ष दूसरी मन्जिल पर था और वह सीढियाँ चढ़ रही थी... Read more

ग़ज़ल (जन्मदिन स्पेशल)

कोई है होठों तक, बे-पर्दों में आया। रातें भी पहचानें, जो ख्वाबों में आया। बेला सा महके हैं, सारा तन-मन उसका, धीरे-धीरे च... Read more

किसी के दिल की बेचैनी

किसी के दिल की बेचैनी, किसी के दिल की बेताबी, जाम जो है मोहब्बत का पिला दे मुझको भी साकी। रकीबों की ये महफिल है, जरा सोचो जर... Read more

कोहिनूर फिसल गए,तेरे इन मदहोश बाहों में

ग़ज़ल - कोहिनूर फिसल गए,तेरे इन मदहोश बाहों में ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ फूलों की बहार मोहतरमा,दिल की दरिया में। तिरछी नज़र होठों क... Read more

कब मैंने चाहा सजन

कब मैनें चाहा सजन, मिले नौलखा हार। देना है तो दिजिए, थोड़ा समय उधार।। समय तुझे मिलता नहीं,पल भर बैठे पास। कैसे समझोगे भला, म... Read more

१८ सावन

फिर एक बार झूम के आया सावन लाया अपने संग ख़ुशियों का आँगन हम सबके दिल में भरने मीठा प्यार अब आएँगे सारे ख़ुशियों के त्यौहार। क... Read more

बचपन बनाम बुढ़ापा

नहीं सोचा था बचपन में बुढापा आऐगा कागज की नाव बुढ़ापे तलक लकड़ी की हो जाऐगी मम्मी पापा की फटकार अब यादें ... Read more

छिपा है कच्चे धागे में,बहन भाई का प्यार

छिपा है कच्चे धागे में,बहन-भाई का प्यार। अरे!ये आया-आया रे,रक्षाबंधन त्योहार।। हुई है राजी बहना तो,सजा लाई है थाल। खिला मीठा ब... Read more

गीत

Jyoti rai गीत Jul 20, 2019
आँखे तरसें हरियाली को बगिया लहूलुहान हुई प्रेम के गीत सुनाऊँ कैसे धरती जब वीरान हुई, डसती हैं सूरज की किरनें चाँद जलाता है मन ... Read more

मुक्तक

ख़तरा है खूँखारों को चोरों को मक्कारों को, ख़तरा है दरबारों को शाहों के ग़मख़ारों को, हिन्दुस्तान को नहीं है खतरा जनता जान गई खत... Read more

गज़ल

हम भी जज़्बात में, तुम भी जज़्बात में बात बनती नही ऐसे हालात में, कैसे सहते हो मिलके बिछडने का ग़म उससे पूछेंगे अब के मुलाक़ा... Read more

मुक्तक

ख्वाबों को मेरे नए खरीदार मिले हैं, फूलों की तमन्ना थी मगर ख़ार मिले हैं, आदमी बिकते हैं जहाँ कौड़ियों के भाव दुनिया में कुछ ऐसे... Read more

सीमारेखा से परे

लहराती शाख से टूटकर पत्ते अचानक उसे बेलिबास कर गए शिकायत जो की दबी जुबाँ में हवाओं से तो बेरुखी से भरी बोली अब तेरे आगो... Read more

याद का सहारा

कभी उससे मिलना नहीं होता मगर कोई शिकवा नहीं होता उसकी याद का यह सहारा है किसी पल मैं तन्हा नहीं होता Read more

विरह-3

तन्हा सा आधा अधूरा मेरे फलक का चांद मुँह छुपाए हुए नजरें उठी एक बेसाख्ता हंसी के साथ उसे हाले शरीक देख कर काली घटा के साये ... Read more

त्रिपदा छंद

सावन की बौछार धरती का शृंगार आई मस्त बहार राखी का त्यौहार भाई की सौगात बहना का है प्यार साजन है परदेश आया ना संदेश ... Read more

"एहसास" #50 शब्दों की कहानी#

टीना को फ्लेट के दरवाजे आज भी उस हादसे की याद दिलाते हैं, कैसे मीना के साथ बरामदे में खेलते हुए उसने दरवाजे की दरार में हाथ रखा, एकद... Read more

विरह-2

जिंदगी से बहुत दूर वो एक अलग सा मुकाम जहाँ घिसटते दिन बेख्वाब रातों से मिलकर दिलाशा भी नही देते बस एक अंतहीन चुप्पी साधे अपनी ... Read more

जातिवाद

जीत से पहले सब रिश्ते याद रहते हैं, फिर कब इन्हें फर्ज अपने याद रहते हैं। जातिवाद के नाम पर हो चुनाव तो फिर हमें भी कब को... Read more

विरह-१

मेरे बिस्तर के उस हिस्से में जहां तेरा बसेरा था अब वहां बिखरे पड़े हैं तेरे ख्वाब मैंने डाल दी अपनी तन्हाई की चादर इस इजाजत क... Read more

तन्हा कब थी मैं

तन्हा कब थी मैं, साथ तन्हाई तो थी। खामोशी कब थी,रोती शहनाई तो थी। डूबने ही नही दिया साँसो के बोझ ने, समुद्र मे भी वर्ना, ऐसी ग... Read more

दिलों को जोड़ती है भाषा

भाषा जोड़ती है दिलों को भाषा है अभिव्यक्ति का साधन हिन्दी है राजभाषा हमारी सबसे प्यारी सबसे निराली सहज सरल और मृदुभाषा ... Read more

गौरैया

नटखट बचपन में तरंगे पैदा करने के लिए गौरैया का नाम जरूर आता है। बच्चा गौरैया या ऐसी ही चिडि़ंयों को देखकर मचलता जरूर है। बात कोई बहु... Read more

अँधेरा

एक दीपक मेरे साथ चलने को है तत्पर अंधेरों के विरुद्ध मैं कैसे कहता उसे तू न चल मेरे साथ मैं ही तो हूँ वो अँधेरा. Read more

कुली

कुली -------------- उठो भई, सब उठो, इन्दौर स्टेशन आने वाला है’ गिरीश ने अपने परिवार को बताते हुए कहा। सामान इकट्ठा किया जाने लगा। ल... Read more

कुंडलियाँ ---आर केरास्तोगी

करत करत अभ्यास के,जड़मत हो सुजान | रसरी आवत जात के,सिल पर होत निशान || सिल पर होत निशान,हो जाते है वे पक्के | पक्के पत्थर के भी,छ... Read more

गज़ल

ज़ुल्फो से घटा आँखो से जाम मिल जाए.. तुम जो राज़ी हो तो मोहब्बत को मुकाम मिल जाए.. ***** हाथो मे तेरा हाथ ... Read more

सावन पर दोहे ---आर के रस्तोगी

सावन में साजन न मिले,मन हो जात है अधीर | सजनी को साजन मिले,मन हो जात है अमीर || सजनी सज धज के निकली,साजन हुआ शिकार | नयनो से बा... Read more

कुर्सियाँ

इंसान को सम्मान दिलाती है कुर्सियां । लेकिन कभी ईमान डिगाती हैं कुर्सियां । ये कुर्सियां रहती न किसी एक की होकर , जो बैठा है उ... Read more

दीवाने थे

ना काँटों से दुश्मनी थी ना फूलों के दीवाने थे कुछ गम थे नसीब की तहरीरों में जो हमें निभाने थे खिलता गुलशन ग़रूर कर बैठा न... Read more

उधेड़ बुन

कोई मुझे पागल कोई दीवाना कहता है कोई इस दिल को बेगाना कहता है हम तो बस इस दिन में जीते हैं आज कल मौसम आशिक़ाना रहता है। किसी प... Read more

शिव....

शून्य से भी परे है जो वो शिव है कल्पना का स्वरुप ही शिव है जड़ से चेतन हो जाना ही शिव है ध्यान मे मग्न होना ही तो शिव है क्रोध क... Read more

गज़ल

शब्द अर्थों का आयात करते रहे, लोग क्या बात,क्या बात करते रहे, आँख को नींद को मात करते रहे, रात भर ज़ख़्म उत्पात करते रहे, आप... Read more