कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाशेरकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

" हसीन जुल्फें "

मेरे पिया बिन तेरे इस जहाँ में जी न पाएंगे, काँटों से भरी राह के बीच चल नहीं पाएंगे I तेरी मोहब्बत मुझे किस मुकाम पर ले आई है? ... Read more

प्लेटफॉर्म

एक बार ट्रेन के इंतजार में मैं प्लेटफॉर्म पर खड़ा था सर्द कोहरे से भरी रात के 2:30 बज रहे थे किसी को लिवाने गया था । प्लेटफॉर्म के... Read more

दोस्ती

दोस्ती +++++ दोस्ती बड़ी अनमोल होती है ये होती नहीं, बस हो जाती है। ये बात हमें तब समझ नहीं आती, जब दोस्ती हो गई तब समझने... Read more

©®°°°|||【दुनिया】|||°°°®©

आग-ऐ-शोलों पे चलाती है दुनिया हर काम मे टांग अड़ाती है दुनिया। सुनती नही किसी की कभी अक्सर अपनी ही अपनी चलाती है दुनिया। दूस... Read more

नदियाँ बीच अनेक

********नदियाँ बीच अनेक******** ****************************** राहें बेशक अलग हैं ,मंजिल तो है एक सागर में जैसे मिले ,नदिया... Read more

एक ख्वाब एक हकीकत

मेरे ख्वाबों में है एक तस्वीर दिल पर लिखा है एक नाम अनदेखी नज़रें मिलने को हैं बेकरार जिनमें होगा बस प्यार ही प्यार दूर से ही... Read more

उद्दमी बिज्जू

मेरी चचेरी बहन का लड़का बिज्जू(विजय) बचपन से ही हमारे यहाँ रहने आ गया था। दीदी जब मायके आयी तो बड़ों ने कहा इसे यहीं रहने दो। यहां और ... Read more

लगता बहुत दूर है

लगता बहुत दूर है मालूम नहीं, शायद मजबूर है, मालूम नहीं ।। वैसे तेरा मकान है मेरे दिल में, ये इश्क़ भरपूर है, मालूम नहीं ।। ... Read more

शेर

आखे नम हैं मेरी किसी की दुनिया देखकर खुश है वो दुनिया में अपनी ही हस्ती देखकर Read more

माँ

माँ तेरी याद मुझे,बहुत रुलाती हैं। माँ तेरा होना ही मुझे, अनमोल होने का अहसास दिलाता था। माँ तेरी गोद मुझे, अलग होने का अहसास दि... Read more

विनम्र नीच

किसी जिला स्तर के अस्पताल में महामहिम राज्यपाल महोदय के निरीक्षण का दौरा चल रहा था वह अपने सहायक सचिवों एवं अन्य उच्च अधिकारियों के ... Read more

"हवाओं का रुख"

हवाओं ने आज फ़िर, रुख तूफ़ान का किया है । जैसे मेरी बनी बनाईं ज़िन्दगी ,फ़िर बिखेरने आईं हों। जिस्म से रूह तक ,तकलीफ़ दिया उसने मु... Read more

ननकी काकी (कहानी

दोपहर बाद मुखियाइन के घर रोजाना महफिल जमती है, आज भी जमीं थी। पंडिताइन बोलीं आज ननकी काकी नहीं आईं, नाम तो ननकी बाई था पर प्रेम से स... Read more

नहीं अग्नि जल और पवन हूं

नहीं अग्नि जल और पवन हूं नहीं धरा न नीलगगन हूं न विचलित, एकाग्र ही मन हूं नहीं बुद्धि अहंकार स्मृति न शरीर, नाक कान आंख जिभ्... Read more

है तो गम है l

है तो गम है l यूँ नयन नम है l ना है, दम है l अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

अपना मिलन

#मनमोहन_छंद तुमसे ही लड़, गया नयन। खुशी से खिला,मन उपवन। चलो सुना दो, मधुर वचन। हो जाऊँ मैं , मस्त मगन। मुझको अपना, ... Read more

हम दीपक हम ही उजियारे

जल उठते खुद सांझ सकारे , हम दीपक हम ही उजियारे ! चले अकेले हैं बचपन से डरे कभी न पथ निर्जन से अपना सीना तान निरन्तर... Read more

नदियाँ बीच अनेक

********नदियाँ बीच अनेक******** ****************************** राहें बेशक अलग हैं ,मंजिल तो है एक सागर में जैसे मिले ,नदिया... Read more

कल आज

कल-आज """""""""'"'''" चलो अच्छा है वे भी मुस्कराये लगे हैं, उनकी कल्पना के राम अब साकार बन आने लगे हैं। हमारे साथ वे भी अब ... Read more

उदघोष

उदघोष "''"""''''"''" अब न कब्र खोदेंगे न ही दफनाएंगे, अब तो उन्हें जिंदा ही चील कौओं को खिलाएंगे। शराफत बहुत कर ली हमनें, खून... Read more

स्त्री

दैनिक रचना रचनाकार - रेखा कापसे दिन -गुरुवार दिनाँक - 6/8/2020 ********************************- स्त्री........... छोड़ आती ... Read more

मुंशी प्रेमचंद जयंती पर मेरे श्रद्धा सुमन

वो साहित्य की शान थे, हमारा अभिमान थे। वो लेखनी के कलाकार थे, उनकी समस्याओ की रचना बेशुमार थी जिनकी कोई सुध न लेता, लिखी उनकी... Read more

आत्मनिर्भरता

अच्छा है, बच्चे काम पर जा रहे हैं अपना भविष्य खुद बना रहे हैं । कुछ सड़क किनारे बने ढाबों पर जुठे बर्तन मांज कर, कुछ कच... Read more

छंदमुक्त कविता

जिस जगह भी जाइए आप, कुछ सिखिए सिखाइए आप। रिश्ते कायम रहेंगा हमेंशा, ना किसी को आजमाइए आप। जिसकी नींव भावनाओं पर हो, ऐसा... Read more

इश्क़ ए मोहब्बत इजहार करें

*इश्क ए मोहब्बत इजहार करें* *********************** तमन्ना तुमसे जी भर प्यार करें इश्क ए मोहब्बत इजहार करें इश्किया जादू ... Read more

कभी सोचता हूँ

कभी सोचता हूँ दीपक बनूँ किसी घर को रौशन करूँ कभी सोचता हूँ फूल बनूँ किसी चमन में महका करूँ कभी सोचता हूँ सितारा बनूँ स... Read more

समयांतर

समयांतर ♀♀♀♀♀♀♀ कल तक राम को काल्पनिक बताने वालों के सुर कैसे बदल गये हैं, उनकी कल्पनाओं के राम धरातल पे आ गये हैं। जन के र... Read more

आज देखो दुनिया क्या से क्या हो गयी

हंसी ख़ुशी कहीं ,गम की वादियों में खो गयी आज देखो दुनिया क्या से क्या हो गयी दूसरों की सफलता पर ,जो बजती थी तालियाँ वो तालियाँ ... Read more

प्रभु श्री राम

कल रात प्रभु सपने में आये थोड़ा मंद मंद मुस्काये , मैने पूछा प्रभु खुश तो हैं अब जानती हूँ आप ही का खेल है सब , प्रभु ये सुन फिर ... Read more

तुमने तन्हा छोड़ा है

तुमने तन्हा छोड़ा है पर क्या जिंदा छोड़ा है शायद प्यास बुझे ना अब हमने सहरा छोड़ा है सदियों का दीवानापन लम्हा लम्हा छोड़ा है ... Read more

दर्द का कर्ज़

अफसोस नहीं है अपने दर्द का जो तूने दिए तो और जमा हुए बन गया मैं दर्द का सौदागर तेरे दर्द देने से और अमीर हुए कौन कहता है कि मैं ... Read more

हे निरीह प्राणी तू चाहता क्या है?

हे निरीह प्राणी तू क्या चाहता है, क्या मैं अपना अधिकार छोड़ दूं, क्या मैं अपना विवेक खो दूं, और तेरी खिदमत में लग जाऊं, अपने अरम... Read more

रात गज़ब थी वो सावन की

22 22 22 22 रात ग़ज़ब थी वो सावन की लूट गई नज़रे रहजन की बूंद पड़ी उसके तन पर तो आग लगी उसपे जौबन की बादल गरजे बिजली ... Read more

" प्यार की अपनी परिभाषा "

(संस्मरण ) बात क़रीब 42 साल पहले की है मैं और मुझसे डेढ़ साल बड़ी बहन इलाहाबाद के क्रॉस्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज के हॉस्टल में सबसे... Read more

आज तस्वीर से बात की

आज तस्वीर से बात की अपनी उस हीर से बात की/1 क्यों मयस्सर नहीं वो मुझे रूठी तकदीर से बात की/2 ज़ख्म सीने में क्यों कर गया ... Read more

माँ......

इतना छोटा शब्द नही है जिसको विद्वानों के विद्वान भी स्वर - व्यंजनों के बंधन में बाँध पायें इस गूढ़ शब्द को शब्दों की सीमा में समां... Read more

" निर्मोही बरखा "

ये कैसी निर्मोही बरखा है इसने सब मोह पानी में दे पटका है , कुछ दिन पहले ही तो छाई थी छत कैसे संभलेगी मूसलाधार में इस वक्त , जमीन... Read more

" नजरिया "

स्मृति के पेट की चमड़ी हल्की - हल्की फटती तो वो फटन उसको बड़ा दर्द देती पहली बार माँ बन रही थी कुछ पता था नही क्या करे समझ नही पा रही ... Read more

जो लिखा उस ने

हर क़रीने से रिश्ता निभाया मैंने, यही वजह कि धोखा खाया मैंने ।। मात भी मैं शिद्दत से खाता रहा, किसी को अपना था बनाया मैंने ।। ... Read more

सर्पदंश

मैंने सर्पदंश के अनेक मरीज़ मरते एवं जीते देखें हैं लेकिन जितनी विचित्र मेरी वह करीब 20 वर्षीय नवयौवना मरीज़ा थी वैसा मरीज़ कोई नहीं ... Read more

गांव की बातें -" कुछ देखी हुई कुछ सुनी हुई " भाग ३४

पूजा अर्चना सेठ जी के बगीचे मे एक सुंदर से मंदिर बना हुआ था। स्कूल के ठीक बगल मे था कभी कभी हम द्वार खुला होने पर चले भी जाते थे।... Read more

राखी

राखी गीत दर पे आयी है बहना मेरे भाइयो। लाज राखी की रखना मेरे भाइयो।। डोर नाजु... Read more

वाणी

दावानल को शीतल कर दे,आग लगा दे पानी में। सोच समझकर बोलो बानी,वो दम होता है वाणी में। मुंह से निकले बोल, और तीर कमान से। बापिस नही... Read more

*"मेहंदी "*

"मेहंदी" सखी रे आजा सावन आया रे, राखी का त्यौहार जो आया , भाई बहन के मन को लुभाया। हरी पीली लाल चूड़ियां खनके , गोरे गोरे हाथों ... Read more

सीधी बात

सीधी बात ******** लड़ने झगड़ने की फिर से बात बढ़ाने की अब बात न करो तो अच्छा है। वैसे भी बात बढ़ाकर क्या कर लोगे? प्रभु श्रीराम के... Read more

नारी का सम्मान

चुप है क्योंकि वो अपने सम्मान पे मरती है सपने है उसके लेकिन समाज से डरती है सब कुछ करना चाहती है सोच से डरती है कुछ भी करके अपने ... Read more

पानीपत की तीसरी लड़ाई

दो चचेरे भाई एक ही घर मे पले ।उम्र मे भी कोई चार पांच महीनों का ही फर्क होगा। एक बिल्कुल गोरा चिट्टा तो दूसरा सांवला पर आंख नाक ... Read more

"आज कल नशा मयखाने में नहीं"

आज कल नशा मयखाने में नहीं, 🙂🙂 तेरी आंखों में मिलता है। इक तेरा साथ है सनम, 😔😔 वरना आज कल सुकून क... Read more

जिम्मेदारी

जिम्मेदारी $$$$$$ मंदिर निर्माण शुरू हुआ तो पूरा भी होगा, मंदिर निर्माण के बाद प्रभु का दर्शन भी होगा। परंतु अब हमें जगना हो... Read more

"कितनी प्यारी तेरी आंखें"

कितनी प्यारी तेरी आंखें, इतना क्यों चमकती है। लबों को खोले बिना ही, सारे राज बया ये करती हैं। ज़रूर ये इश्क का खुम... Read more