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Category: हाइकु

हाइकु
राम का राज। सब एक समान। सँवारे काज।। नीले कृष्णा । गोपियों संग राधा। बुझी तृष्णा।। बन गमन। भाई संग संगिनी। दंभ दमन।। गीता का... Read more
रुढ़ियों का आकाश [सेन्रियू संग्रह की समीक्षा]
"रुढ़ियों का आकाश" प्रदीप जी द्वारा रचित हिन्दी का प्रथम सेनरियू संग्रह                  सेनरियूकार : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"        समीक्षक : डाॅ. सुधा गुप्ता प्रकाशन... Read more
हाइकु वाटिका की समीक्षा
हाइकु वाटिका [साझा हाइकु संग्रह] संपादक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक" प्रकाशक :    माण्डवी प्रकाशन, गाजियावाद (उ.प्र.) प्रकाशन वर्ष : फरवरी 2004      मूल्य : 100/----... Read more
हाइकु सप्तक की समीक्षा
हाइकु सप्तक : संपादक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक" [ हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ सात हाइकुकारों का परिचय, हाइकु एवं उनके हाइकु संबंधी विचार ] प्रकाशक... Read more
* प्यार *
Neelam Ji हाइकु Jun 28, 2017
प्यार कहता ? मैं सच्चा साथी तेरा तू ये माने ना ? प्यार कहता ? मैं रहता तुझमें तू ये जाने ना ? प्यार कहता... Read more
वर्षा ऋतु हाइकु
"वर्षा ऋतु" हाइकु ********** (१) काले बादल हँसता मरुस्थल सौंधी खुशबू । (२)काली चूनर सतरंगी डोरियाँ दामिनी ओढ़े । (३)मेघ मल्हार बूँदों की सरगम भीगा... Read more
## प्रेम ##
((( प्रेम ))) ईश से प्रेम है सांसारिक मुक्ति किताबी बातें । ********** कुटुंब-प्रेम होता मायावी बँधन अक्षर: सत्य । *********** प्रेम-बँधन खुशहाल परिवार विश्व... Read more
फासले
हाइकु- फासला फासले दूरी निभाते मजबूरी बस नाम की। कोशिश भी की फासला घटा नहीं उम्र गुज़री। लड़ते रहे बढ गये फासले बीच हमारे। देख... Read more
प्रेम
आज का हासिल हाइकु-प्रेम है प्रेम राग मधुर अनुराग लाग जिया की। प्रेम राग से सुरभित जीवन थिरके मन। प्रेम लपटें जिंदगी को संवारें हों... Read more
कश्मीर का दर्द-२
शहीद ले.उमर फैयाज़ को समर्पित (५ हाइकु) १ झेलम तीरे पहले जैसा समाँ ! सुकूँ नहीं रे। २ पके अनार पड़ोसियों का प्यार अब दुष्वार।... Read more
हाइकु
हाइकु जल उफ़ ये प्यास चिलचिलाती धूप सूखे हैं कूप। बढ़ा संताप हैं ताकते आकाश जल की आस। नीर अमि सा मिश्री सा खरबूजा पेय... Read more
बूंदें
हाइकु मेघ/बूंदें मेघ हैं छाये घनघोर घटाएं बूंदें बरसीं। काले नयना हैं बूंदें बरसाते अरमानों की। लेकर आया रिमझिम सीं बूंदें मेघ श्यामल। पीलीं धरा... Read more
प्रकृति
हाइकु प्रकृति सुंदर सृष्टि सींचे इंद्रधनुष खुशी सिंदुरी। फैला गंदगी शोध समीक्षा करें मानव। बुढाये ख्वाब साझा धरा का कोना रोती प्रकृति। ढूंढते बच्चे खुशहाल... Read more
बेवफा
हाइकु बेवफा शाम सिंदुरी हरजाई सूरज घर न लौटा। बसी रूह में कुछ यादें सुहानी बेवफा पिया। भोला मनवा हरजाई बालम रोज सताए। बूंदें शक... Read more
शर्म
हाइकु शरम/शर्म पर्दा न कर, शर्म आंखों की काफी खुद से डर। मन बांवरा शरम छोड़कर रहा मचल। शरम हया बस नाम के बचे कहते... Read more
बेटी
हाइकु में कविता "बेटी" माँ का सपना,बाबुल के अँगना,जन्मी ये कली। हौले-हौले ये,बाबुल की अँगुली, थाम के चली। रँठ-रूँठ के, कनिया पे चढ़ के, बाहों... Read more
हाइकु
हाइकु (१) ठूंठ हो गई गुलज़ार जिंदगी वृक्ष न काटो। (२) राष्ट्र हमारा सियासत उनकी गई निगल। (३) भूला बिसरा बचपन जो बीता ढूंढ रहे... Read more
***चंद्र ज्योत्सना***
*१. चाँदनीे  नग  प्रकाशित है जग श्वेत अंबर *२. सांध्यगीत सी चाँदनी हुई शीत उषा विलीन *३.श्यामल जोन्ह तिरछा  रजनीश सजन पीड़ *४. क्षीण मंदार... Read more
चांद
हाइकु चांद बुढ़िया माई है चरखा कातती चांद पे देखो। रात चांदनी चित्रकार अंबर भाव उकेरे। नन्हे बालक चंद्रमा की चाहत खिलखिलाएं। यादें पिया की... Read more
ये मोक्ष धाम
विधा - हाइकु सुंदर मन। हरे भरे है वन। स्वस्थ जीवन।। भौतिक सुख। सब जी का जंजाल। मोह अंजान।। मन मोहिनी। चंचल चितवन। ये मोह... Read more
गुलाब
विधा - हाइकू श्रद्धा अर्पण। चरणों में नमन। भेंट गुलाब।।1।। वीरों की राह। समर्पण के भाव। बिछे गुलाब।।2।। प्रेम प्रतीक। महके उपवन। खिले गुलाब।।3।। नव-यौवन।... Read more
हाइकु.. .
हाइकू- . तुम और मैं कागज की है कश्ती दूर किनारा! . पलकें गिरी आँसू किये किनारा तुम और मैं! . साथ मिलता रुकते कुछ... Read more
हाइकु
हाइकु जन बगीचा फूलों बना गलीचा मन है रीता 2 न कटी नाक नकटे की थी बात नेताई ठाठ 3 मंत्री था बाप बेटा कराता... Read more
हाइकु
हाइकु :- (१) माँ की लाडली गयी नये घर में पाले लाडली (२) नहीं आसान सच की राह पर चलना अब (३) प्यासी चिड़िया ढूँढ... Read more