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कवि आलोक सिंह प्रतापगढ़ी

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बड़ो से कर ली दोस्ती, तो कोई बड़ा नहीं होता
बड़ो से कर ली दोस्ती, तो कोई बड़ा नहीं होता। मुकद्दर बदलने के वास्ते कोई खड़ा नहीं होता।। समुद्री लहरों से सीख लो, बढ़ना और... Read more