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गर्मी
बाबा रे बाबा देखो आ गई गर्मी जली धरती उफ ये गर्मी दिखा गई बेशर्मी नंगा बदन भाये न गर्मी अलसाये से दिन बेरंग दिन... Read more
???? मुक्तक????
जवाब नहीं उनका भी,वो लाजवाब हो गये कल तक जो पाक साफ थे,आज नापाक हो गये मुझे मयखाने की किस्मत पर हँसी आती है जहाँ... Read more
फागुन
छायी बहार हवा ने रंग घोली आया फागुन मन भावन धरा ओढ़ी चुनर भाया फागुन रंग गुलाल हरओर मस्तियाँ वर्षा फागुन धूल कीचड़ मुखौटों पर... Read more