Skip to content

लेखन विधायें- कहानी, कविता, गज़ल, नज़्म हाईकु दोहा, लघुकथा आदि | प्रकाशन- कहानी संग्रह [वीरबहुटी], [प्रेम सेतु], काव्य संग्रह [सुबह से पहले ], शब्द माधुरी मे प्रकाशन, हाईकु संग्रह- चंदनमन मे प्रकाशित हाईकु, प्रेम सन्देश मे 5 कवितायें | प्रसारण रेडिओ विविध भरती जालन्धर से कहानी- अनन्त आकाश का प्रसारण | ब्लाग- www.veerbahuti.blogspot.in

All Postsकविता (17)गज़ल/गीतिका (31)दोहे (6)लघु कथा (1)कहानी (15)हाइकु (1)
प्रेम सेतु (कहानी ) -----मेरी  पुस्तक प्रेम सेतु से
प्रेम सेतु (कहानी ) -----मेरी पुस्तक प्रेम सेतु से जीना तो कोइ पटेल परिवार से सीखे1 जीवन रूपी पतँग को प्यार की डोर से गूँथ... Read more
मुझे तुमसे या दुनियां से गिला क्या ---- गज़ल -निर्मला कपिला
मुझे तुमसे या दुनियां से गिला क्या मिली तकदीर से हम्को सजा क्या बेटियां मां बाप से जब दूर जातीं बिना उनके जिगर मे टूटता... Read more
गज़ल----- निर्मला कपिला   उलझनो को साथ ले कर चल रहे हैं
गज़ल----- निर्मला कपिला उलझनो को साथ ले कर चल रहे हैं वक्त की सौगात ले कर छल रहे हैं ढूंढते हैं नित नया सूरज जहां... Read more
अखिर क्यों----   कविता  ये 2010 मे लिखी गयी कविता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है
अखिर क्यों---- ये 2010 मे लिखी गयी कविता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है विस्फोटों की भरमार क्यों है दुविधा में सरकार क्यों है आतंकी... Read more
कहानी---  गुरू मन्त्र----  निर्मला कपिला
कहानी--- गुरू मन्त्र---- निर्मला कपिला मदन लाल ध्यान ने संध्या को टेलिवीजन के सामने बैठी देख रहें हैं । कितनी दुबली हो गई है ।... Read more
दोहे
सूरत से सीरत भली सब से मीठा बोल कहमे से पहले मगर शब्दों मे रस घोल रिश्ते नातों को छोड कर चलता बना विदेश डालर... Read more
बेखुदी मे अश्क आँखों से बहाता ही रहा मै   - गज़ल
गज़ल बेखुदी मे अश्क आँखों से बहाता ही रहा मै सह लिया खुद दर्द लोगों को हसाता ही रहा मै देख अन्जामे मुहब्बत आज भी... Read more
पूर्व पर पश्चिम का लिबास कैसा विरोधाभास ?
कविता पूर्व पर पश्चिम का लिबास कैसा विरोधाभास ? श्रद्धा हो गयी लुप्त रह गया केवल् श्राद्ध आभार पर हो गया अधिकार का हक सम्मान... Read more
मृ्ग अभिलाशा ---हम विकास की ओर !--कविता [सुबह से पहले  काव्य संग्र्ह से
( कविता ) मृ्ग अभिलाशा हम विकास की ओर ! किस मापदंड मे? वास्तविक्ता या पाखन्ड मे ! तृ्ष्णाओं के सम्मोहन मे या प्रकृ्ति के... Read more
भगत सिंह का क्षोभ---- सुनो मेरी आत्मा की आवाज
भगत सिंह का क्षोभ आँखोंसे बहती अश्रुधारा को केसे रोकूं आत्मा से उठती़क्षोभ की ज्वाला को केसे रोकू खून के बदले मिली आजादी की क्यों... Read more
उनींदे से भटकते मेरे अब अरमान लगते हैं  गज़ल
उनींदे से भटकते मेरे अब अरमान लगते हैं कभी बेचैन लगते हैं कभी नादान लगते है जहानत ही नहीं काफी ज़माना जीतना हो तो झुके... Read more
चाहतों की लाश सडती मुफ्लिसी के सामने -- गज़ल
चाहतों की लाश सड़ती मुफलिसी के सामने ज़िंदगी सहमी रही उस बेबसी के सामने ताब अश्कों की नदी की सह न पायेगा कभी इक समन्दर... Read more
*इन्विट्रो फर्टेलाईजेशन* के साईड एफेक्ट  पर एक कहानी
*इन्विट्रो फर्टेलाईजेशन* जैसे अविष्कार ने आज कल जिस तरह एक व्यापार का रूप ले लिया है,जैसे कि कुछ लोग तो सही मे औलाद चाहते हैं... Read more
जहां पर गलतियों का मेरी मंजर ख़त्म होता है  ---ग़ज़ल।
गजल जहां पर गलतियों का मेरी मंजर ख़त्म होता है वही जीवन का मुश्किल वक्त अक्सर ख़त्म होता है मगर इल्जाम से पहले न देखा... Read more
दोहे
जीवन मे माँ से बडा और नही वरदान माँ चरणों की धूल ले खुश होंगे भगवान। 2 भारत की गरिमा बचा कर के सोच विचार... Read more
इस दानव को मानव कहलाने दो --- कविता
कविता इस दानव को मानव कहलाने दो मेरी तृ्ष्णाओ,मेरी स्पर्धाओ, मुझ से दूर जाओ, अब ना बुलाओ कर रहा, मन मन्थन चेतना मे क्र्न्दन् अन्तरात्मा... Read more
कहानी अनन्त आकाश -------  वीरबहुटी संग्रह से
कहानी ये कहानी भी मेर पहले कहानी संग्रह् वीरबहुटी मे से है कई पत्रिकाओं मे छप चुकी है और आकाशवाणी जालन्धर पर भी मेरी आवाज... Read more
कहानी अनन्त आकाश --- कहानी संग्र्ह वीरबहुटी से
कहानी --- लेखिका निर्मला कपिला ये कहानी भी मेर पहले कहानी संग्रह् वीरबहुटी मे से है कई पत्रिकाओंओं मे छप चुकी है और आकाशवाणी जालन्धर... Read more