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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना ।
मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।।
तब तक अपने ना सही ... ।
दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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*वो हम नहीं *
Neelam Ji कविता Jun 18, 2017
राह से भटक जाएं वो हम नहीं । हार के बैठ जाएं वो हम नहीं ।। डर के भाग जाती हैं मुश्किलें हमसे । मुश्किलों... Read more
* मर्द *
Neelam Ji कविता Jun 16, 2017
मर्द कभी नारी को बेइज्जत नहीं करते । अपनी माँ की कोख को शर्मसार नहीं करते ।। मर्द होने का दावा तो बहुत से लोग... Read more
** आँसू **
Neelam Ji कविता Jun 15, 2017
रिश्ता आँसू का नयनों से गहरा , पलकें देती आँसू का पहरा । बात कोई जो दिल को छू जाए , बहते आँसू तोड़ के... Read more
*जिंदगी एक जंग*
Neelam Ji कविता Jun 11, 2017
हर किसी को नहीं मिलता साथ अपनों का , जंग जिंदगी की अकेले ही लड़नी पड़ती है । कोई साथ नहीं देता मुश्किल में दोस्तों... Read more
**कामयाबी**
यूँ ही मिलती नहीं मुफ़्त में कामयाबी ! एक जुनूँ सा दिल में जगाना पड़ता है ! लाख अँधेरे हों चाहे राह में तो क्या... Read more
** दुआ **
** दुआ ** यूँ ही बेवजह ख़ुशी जब अपने भीतर पाया करो ...! कोई कर रहा होगा दुआ तुम्हारे लिए जान जाया करो !! मिलती... Read more