.
Skip to content

*****होली के रंग***** मंगल मिलन के संग**

Neeru Mohan

Neeru Mohan

शेर

March 11, 2017

१.

होली त्यौहार है मंगल मिलन का
वैमस्य त्यज सुखद अनुभव का
मर्यादाशील प्रेम-प्रसंग का
त्यज सुरा, अमृत वचन का

२.

अबीर गुलाल लगाकर आज
चंदन का टीका सजाकर आज
मंगल मिलन मना कर आज
वैर, घृणा मिटाकर आज
होली सभी मना रहे हैं
होली मंगलमय हो
यही स्वर गुनगुना रहे हैं

३.

इंद्रधनुषी रंग हवा में उड़ रहे हैं
होली में दिलों के मैल धुल रहे हैं
वैमस्य त्यज गले सभी मिल रहे हैं
होली मंगलमय हो,
यही गीत फिज़ा में गूंज रहे हैं

Author
Neeru Mohan
व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका friends you can read my all poems on... Read more
Recommended Posts
ये माना घिरी हर तरफ तीरगी है
ये माना घिरी हर तरफ तीरगी है मगर छन भी आती कहीं रोशनी है न करती लबों से वो शिकवा शिकायत मगर बात नज़रों से... Read more
आहिस्ता आहिस्ता!
वो कड़कती धूप, वो घना कोहरा, वो घनघोर बारिश, और आयी बसंत बहार जिंदगी के सारे ऋतू तेरे अहसासात को समेटे तुझे पहलुओं में लपेटे... Read more
निकलता है
सुन, हृदय हुआ जाता है मृत्यु शैय्या, नित स्वप्न का दम निकलता है। रोज़ ही मरते जाते हैं मेरे एहसास, अश्क बनकर के ग़म निकलता... Read more
आस!
चाँद को चांदनी की आस धरा को नभ की आस दिन को रात की आस अंधेरे को उजाले की आस पंछी को चलने की आस... Read more