.
Skip to content

सीमा पर रहते हो पापा माना मुश्किल है अब आना

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गीत

December 1, 2016

सीमा पर रहते हो पापा
माना मुश्किल है अब आना
कितना याद सभी करते हैं
चाहूँ मैं बस ये बतलाना

दादी बाबा की आँखों में
इक सूनापन सा दिखता है
मम्मी का तकिया भी अक्सर
मुझको गीला सा मिलता है
बात तुम्हारी तस्वीरों से
ये सब करते ही रहते हैं
गले मुझे लिपटा लेते ये
जब चाहूँ मैं कुछ समझाना…..
कितना याद सभी करते हैं
चाहूँ मैं बस ये बतलाना

मेरा तो बचपन ही पापा
तुमसे ढँग से नहीं मिला है
मगर गर्व है मुझको तुम पर
कोई मन में नही गिला है
पर बच्चों के मम्मी पापा
जब टीचर से जाकर मिलते
तब मुश्किल हो जाता मेरा
रोक आँसुओं को यूँ पाना….
कितना याद सभी करते हैं
चाहूँ मैं बस ये बतलाना

सीमा पर गोलीबारी की
जब भी मैं खबरें सुनती हूँ
डरी डरी मम्मी के सँग मैं
टी वी से चिपकी रहती हूँ
बजे फोन की घंटी जब भी
माँ घबरा घबरा जाती है
गुमसुम सी बैठी रहती वह
भूल गयी खुलकर मुस्काना….
कितना याद सभी करते हैं
चाहूँ मैं बस ये बतलाना
डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
Recommended Posts
संस्मरण
संस्मरण-पहला प्यार। लोग कहते है- "पहला प्यार भुलाये,नही भूलता" अनायास ये सवाल जहम में रोधने लगा,हर बार की तरह गर्मी की दुपहरी थी और मै... Read more
मेरे पापा जल्दी आना
खुशियों की झोली भर कर फूलों से मुस्कान चुरा कर मेरे पापा जल्दी आना लाना अम्बर से चांद चुरा कर पापा हमें रखना दिल के... Read more
पापा
पापा को समर्पित एक ग़ज़ल *********************** तुम्हें ही ढूँढती रहती तुम्हारी लाडली पापा तुम्हारे बिन हुई सूनी बहुत ये ज़िन्दगी पापा अँधेरी रात हो कितनी... Read more
पापा तुम तस्वीर मे रहते हो
कहते है पापा घर मे रहते है पर वो कमरे मे नही तस्वीरो मे रहते है अक्सर उनके साए से बात कर लेता हूं चुपचाप... Read more