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” साथी चल “

RAJESH BANCHHOR

RAJESH BANCHHOR

कविता

May 2, 2017

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साथी चल कुछ कर दिखलाएँ
अमन-चैन के गीत सुनाएँ
शोषण, घुसखोरी, गद्दारी
अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचारी
गली-गली नफरत का जहर
द्वार-द्वार मच रहा कहर
मिलकर आओ दूर भगाएँ
साथी चल कुछ कर दिखलाएँ
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Author
RAJESH BANCHHOR
"कुछ नया और बेहतर लिखने की चाह......" राजेश बन्छोर "राज" जन्मतिथि - 05 जून 1972 शिक्षा - सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सम्पर्क - वार्ड-2, पुरानी बस्ती हथखोज (भिलाई),पोस्ट - सुरडूंग, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़ 490024 मो. नं. - 7389577615 प्रकाशन... Read more
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