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सवा-सेर

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार "दीप"

कविता

March 23, 2017

” सवा-सेर ”
—————

सुखदेव
भगतसिंह
राजगुरू……
हिन्दुस्तान के
शेर थे |
कभी झुके ना !
कभी रूके ना !
वो गौरों पर ……
सवा-सेर थे ||
पहन बंसती चोले को
इंकलाब को
गाया था !
दे दी अपनी कुर्बानी
ये वतन उन्हें बस !
भाया था ||
उम्र थी छोटी
पर ! सोच बड़ी थी !
आजादी कुछ दूर
खड़ी थी |
इनके लहू ने
सींचा था तब !
आजादी की बेल
बढ़ी थी ||
मलमल समझ के
डाले फंदे !
ऐसे थे ये
रब के बंदे |
“दीप” हृदय में
सदा विराजें…..
नित-नित करता !
उनको वंदे ||
——————————
— डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

Author
डॉ०प्रदीप कुमार
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
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