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सजन बन मेघ आओ तुम

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

मुक्तक

June 9, 2016

1
जलाता सूर्य है हमको जरा घिर मेघ आओ तुम
बहुत प्यासी धरा अपनी , बरस उसको बुझाओ तुम
उदासी की घटायें हैं घिरी हरियाली के मुख पर
सुना संगीत बूंदों का उन्हें थोड़ा हँसाओ तुम

2
विरह ज्वाला जलाती है सजन बन मेघ आओ तुम
सुनाकर प्यार के नगमें अगन दिल की बुझाओ तुम
तुम्हारी याद के झौंके नयन देखो भिगोते हैं
चलाकर आँधियाँ इनकी न अब तूफ़ान लाओ तुम
डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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जलाता सूर्य है हमको
जलाता सूर्य है हमको जरा घिर मेघ आओ तुम बहुत प्यासी धरा अपनी , बरस उसको बुझाओ तुम उदासी की घटायें हैं घिरी हरियाली के... Read more
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गीत-आओ भगत फिर आओ तुम ???????????? आओ भगत फिर आओ तुम सोते है युवा जगाओ तुम अंग्रेजी ज्यों शासन डोला बारूदी फिर फैंको गोला अलसाये... Read more