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रूप गज़ब है

Raj Vig

Raj Vig

कविता

April 8, 2017

ख्वाब लिये मै आंखों मे
पहुंचा हूं उन गलियों मे
जहां नाम तेरे की चर्चा है
गलियारों और मयखानों मे ।

रूप गज़ब है यौवन मे
निकले जब तू राहों मे
कत्ल हुए हैं आशिक तेरे
दो चार नही हजारों मे ।

निगाह मिले तो पल भर मे
बस जाये तू तन मन मे
जन्नत तेरे नाम मै कर दूं
गर धड़कन बन तू धड़के दिल मे ।

जान लिये मै हाथों मे
प्यार लिये मै दामन मे
चुरा ले जाउंगा तुझको
मै चन्दा और सितारों मे ।।

राज विग

Author
Raj Vig
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