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माँ मुझे भी दुनिया में लाना

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

March 27, 2017

?????
ओ माँ! प्यारी माँ!
मुझे भी दुनिया में लाना।
वो छुअन,वो स्पर्श का
अहसास मुझे भी कराना।
?
ओ माँ! मुझे भी देना,
अपनी ममता का साया।
माँ तेरी गर्भ में सदैव
सुरक्षित रहे मेरी काया।
?
ओ माँ! मुझे भी देना,
अपनी गोद का बिछौना।
अपनी बाहों के झूले में
ओ माँ मुझे भी झुलाना।
?
ओ माँ! मुझे भी अपनी
वो मीठी-सी लोरी सुनाना।
ओ माँ इस दुनिया में
मुझे भी सुरक्षित लाना।
?
ओ माँ!मैं तेरा ही रूप हूँ
अपना रूप ना मिटाना।
लोगों की मत मानना,
अपनी दिल की कही सुनना।
?
ओ माँ! मुझे भी
ये सुन्दर संसार दिखाना।
ओ माँ! प्यारी माँ!
मुझे भी दुनिया में लाना।
????—लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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