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बो रहा कोई विष बीज

Sharda Madra

Sharda Madra

मुक्तक

July 16, 2016

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बो रहा कोई विद्रोही विष बीज, पनपने मत दो
देशद्रोह, आतंक का तावीज़ पहनने मत दो
जागो राष्ट्र प्रेमियों बुलंद अपनी वाणी करो
दंभियों का दंभ तोड़ एकता बिखरने मत दो।

Author
Sharda Madra
poet and story writer
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