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बेटी

Bhupendra Rawat

Bhupendra Rawat

हाइकु

August 16, 2017

हाइकु
1
बेटा या बेटी
ना करो अपमान
एक समान
2
बेटी भी होती
परिवार की जान
नहीं सामान
3
एक नहीं दो
आँगन है रोशन
बढाती मान
4
कई रिश्ते
लेकर चलती है
बेटी है नाम
5
एक पैगाम
वजूद है हमारा
जब है बेटी
6
आँगन सूना
सारा संसार सूना
बेटी के बिन
7
जब है बेटी
गूंजता है आंगन
हंसी है बेटी
8
संसार दुखी
दर दर भटके
खोजता ख़ुशी

भूपेंद्र रावत
16/08/2017

Author
Bhupendra Rawat
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।
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