.
Skip to content

**** फ्रेंडशिप डे ****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

February 14, 2017

फ्रेंडशिप डे की हार्दिक शुभकामनाऐ
मेरे सभी फेसबुक फ्रेंड्स को बधाई **
हम समझते हैं
मित्रता केवल हमउम्र
लोगों से ही हुआ करती है
कतई नहीं -मित्रता छोटे-बडे
अमीर-गरीब का भेद नहीं जानती
न ही मजहब जाति धर्म उम्र लिंग
का भेद करती है मित्रता मित्रता
दो दिलों को जोड़ती है
एक मीठा बन्धन है मित्रता
जो अपने तो अपने परायों
भी अपना बना लेती है मित्रता
मीत जो चाहे मनमीत हो गैरों को भी
अपना लेती है मित्रता
सभी रिश्ते समा जाते है
मित्रता में माँ पिता भाई
बहिन सभी मित्र होते है
अपने जब हम बराबर
से लगते है उम्र की एक
दहलीज पर पिता भी
पुत्र का मित्र होता है
व्यापक अर्थ है मित्रता
इसे संकीर्णता में न घेरे
फ्रेंड कोई भी हो सकता है
महज दिल मिलना चाहिए ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
Recommended Posts
मित्रता (मुक्तक)
"मित्रता" बनी ये मित्रता हमराज़ दिल की शान होती है। यही सुख दुख भरोसे की सही पहचान होती है। सदा हँस कर निभाना साथ नफ़रत... Read more
मित्रता का बीज
???? मित्रता का बीज दो क्यारियों में एक ही वेग से उगता है, और एक ही वसंत में खिलता है। मित्र में कौन छोटा ?... Read more
****** मित्रता ******
मित्रता सदेह रुप भगवान है जो ना समझ सका वही नादान है। कष्ट मिटाने मित्र का जो तत्पर रहता विघ्न बड़ा जीतना हो चाहे कभी... Read more
मित्रता
मित्रता की सूचिका में ताग अनुराग डाल सुमन की गूंथ माल हिन्द को पहनाय दो. एकता अखण्डता सुबन्धुता के स्नेहगीत, भारती की आरती में एक... Read more