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फूल पलाश

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

हाइकु

March 3, 2017

(1)?फूल पलाश
अनजाना सा राग
फगुआ फाग ?

(2)?रंग पलाश
टहनी फूली आग
लगे अंगार ?

(3)?खिले पलाश
बाँध रही स्वपाश
मधुर मास ?

(4)?लाल पलाश
सूनेपन में आस
जीवन रास ?

(5)?उगे पलाश
यौवन का उन्माद
मन का भाव ?

(6)?हँसे पलाश
कोमल लाल लाल
लिये मशाल ?

(7)?बिछे पलाश
तारों भरी उजास
नव सुहास ?

(8)?मन पलाश
झूमते आसपास
तन बतास ?

(9)?नव पलाश
भूला बिसरा रास
मन हुलास ?

(10)?खिला पलाश
रंगीन भू आकाश
अंतःनिवास ?

(11) ?संग पलाश
प्रीत का अनुराग
वसंती राग ?

(12) ?सुर्ख पलाश
छटा ये वसंत की
धरा सुन्दरी ?

(13)?हर पलाश
उपवन में खास
भरे मिठास ? —लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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