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नमन माता पिता को

सगीता शर्मा

सगीता शर्मा

कहानी

March 19, 2017

नमन माता पिता को.
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नमन जो हम करे उनको तो जीवन पार लग जाये.
नमन जो हम करे उनको तो जीवन पार लग जाये.

सुनो माँ बाप से बड़ कर कोई दौलत नही होती.
बिना आशीष के हम को कोई शौहरत नही मिलती.
रहे जो हाथ सिर पर तो ये नैय्या पार लग जाये
नमन जो हम करे उनको…..

हमारी हर खुशी उनसे ,उन्हीं से घर में रौनक है.
नही उनको भुलाना तुम ये खुशिया रूठ ना जाये..
नमन जो हम करे उनको ….
तो जीवन पार लग जाये.

सिखाया पाठ जीवन का सम्भल कर राह पर पर चलना.
यही बस डर सताता है कही ठोकर न लग जाये.
नमन जो हम करे उनको तो जीवन पार लग जाये.

संगीता शर्मा
18/3/2017

Author
सगीता शर्मा
परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.
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