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** दुआ **

Neelam Ji

Neelam Ji

कविता

March 7, 2017

** दुआ **
यूँ ही बेवजह ख़ुशी जब अपने भीतर पाया करो …!
कोई कर रहा होगा दुआ तुम्हारे लिए जान जाया करो !!
मिलती नहीं ख़ुशी यूँ ही बेमतलब बेवजह हर किसी को !
इसके पीछे के असली कारण को जान जाया करो !!
देखे होंगें ज़माने में खुशियों के त्यौहार बहुत तुमने !
उस ख़ुशी के पीछे की हकीकत भी जान जाया करो !!
जब भी निकलती है दुआ किसी दिल से !
दूर तलक उसकी सदा आती है मान भी जाया करो !!
यूँ ही मिलती नहीं ख़ुशी बेवजह बेरहम इस ज़माने में !
न जाने किसकी दुआओं का असर होगा तुम्हारे मुस्कुराने में !!
दिल से निकली दुआ को दिल से जान जाया करो !
थोड़ा ही सही पर शुक्रिया तो दिल से मनाया करो !!

Author
Neelam Ji
मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।
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