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दीवाना हुआ

Rishav Tomar (Radhe)

Rishav Tomar (Radhe)

गज़ल/गीतिका

August 31, 2017

तुझे देख दिल बादल हुआ है
आवारा पागल दीवाना हुआ है

चाँद को अच्छे से ये निहार के
चाँदनी का दिल दीवाना हुआ है

प्यार में अंधा होकर मेरा दिल
तड़पती बिन जल मछली हुआ है

ज्यों चाँद सूरज से जलता है
वैसे ही दिल मेरा जलता हुआ है

ऋषभ उनसे इकरार तो करले
तेरा दिल महक का दीवाना हुआ है

Author
Rishav Tomar (Radhe)
ऋषभ तोमर अम्बाह मुरैना मध्यप्रदेश से है ।गणित विषय के विद्यार्थी है।कविता गीत गजल आदि विधाओं में साहित्य सृजन करते है।और गणित विषय से स्नातक कर रहे है।हिंदी में प्यार ,मिलन ,दर्द संग्रह लिख चुके है
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