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झूठ की चादर उड़ाई जा रही है

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

January 25, 2017

झूठ की चादर उड़ाई जा रही है
बात कुछ ऐसे बताई जा रही है

क्या कहेंगे लोग,कहकर ही सदा से
बस शराफत ही डराई जा रही है

चार दिन की ज़िन्दगी,फिर क्यों दिलों में
आग नफरत की लगाई जा रही है

फ़ैसले देने में देखो देर करके
बात ही केवल दबाई जा रही है

दर्द के सँग रस्म जीने की सभी अब
‘अर्चना’ हँस कर निभाई जा रही है

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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