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** ज्योति से याराना कर लो **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

March 20, 2017

बाहरी चकाचौंध से अब

मेरे यारों किनारा कर लो

अब दिल में घुप अंधेरा है

ज्योति से याराना कर लो ।।

?मधुप बैरागी

कितना खुशनुमा माहोल है

अपनी धुन में मशगूल है

गर्मी से निजात पाने को

कुछ देर सूरज को भी तो

महफ़िल में बुलाया जाय।।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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