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जय हो मां नर्मदा

Pramod Raghuwanshi

Pramod Raghuwanshi

कविता

March 20, 2017

रखे न किसी को प्यासी
रेवा मातु अविनासी
बिनती करूँ मै सभी
ध्याईये मां नर्मदा ।

जगतारिणी है यही
दुखहारिणी भी यही
प्रेम से पुकारो सभी
आईये मां नर्मदा ।।

करता यही पुकार
मातु आके तेरे द्वार
भक्तों की बिगडी
बनाईये मां नर्मदा ।

कहता प्रमोद मोद
मुझको प्रदान कर।
कृपा दृष्टि फिर
बर्षाईये मां नर्मदा ।।

?प्रमोद रघुवंशी?
दिनांक:-19-3-2017

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