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” क्यों”

aparna thapliyal

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लघु कथा

August 19, 2017

आज संभाग में कठपुतली चंद जी का वार्षिक दौरा था,उनके पहुँचने में चंद लम्हे बाकी थे पर तैयारी पूरी हो चुकी थी।
सब चाक चौबंद,सफाई ऐसी जैसे कभी गंदा था ही नहीं….
कागज़ ऐसे तैयार जैसे हमेशा हर काम नियमानुसार ,नियत समय पर होता हो…
साहब ने जायजा लिया. पर सहायक की अाँखों व कानों से…
निरीक्षण के पश्चात सभा में सभी के कार्य व कार्य प्रणाली की भूरी-भूरी प्रशंसा हुई…
और कठपुतली चंद जी ने विदा ली..
अभी मुख्य द्वार से निकल ही रहे थे कि पीछे अस्थाई रूप से ढके गड्ढे मे गिर कर गर्भवती सफाई कर्मचारी महिला ज़मींदोज़ हो गई..
साहब को पता ही नहीं चला..
बाँई ओर चलते सहायक श्रीमान दिल ज़रा ठिठके लेकिन
श्रीमान मस्तिष्क नें उन्हें मुड़कर असलियत देखने का मौका ही नहीं दिया…..
अपर्णा थपलियाल”रानू”
१७.०८.२०१७

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