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~~किस्मत के खेल निराले~~

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

कविता

March 18, 2017

तेरी दुनिया में हैं,
किस्मत के खेल निराले
कोई किसी चीज को
तरस रहा कोई किसी
से हो रहा है परेशान

किसी को दिया इतना कि
वो समेट नहीं पा
रहा, किसी को
इच्छा इतनी कि वो
उस को नहीं है पा रहा

किसी को महलों में
भी सकूं नहीं मिल रहा
कोई झोपड़ी में हर दिन
गुजार रहा

जीवन में तू किस
को क्या सौंप दे
यह लीला तो तेरी ही है
मैने तो देखे चाहे
किसी के पास कितना भी क्यूं न हो
तेरे आगे सब भिखारी ही हैं

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906
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