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आ गया है साल देखो फिर नया….. कर दुआऐं, मुस्कुराओ तुम ज़रा

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

गज़ल/गीतिका

March 28, 2017

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आप सभी को नववर्ष की अनन्त शुभकामनाएं
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आहटें अपनी सुनाओ तुम ज़रा
इक झलक अपनी दिखाओ तुम ज़रा

मुद्दतों से दूर कितने हो गये
यार मुझसे फिर मिलाओ तुम ज़रा

अब शिकायत क्यूँ नहीं करते सनम
सब खता मेरी भुलाओ तुम ज़रा

यकबयक मैं रात भर रोती रहूँ
अश्क़ आँखों से चुराओ तुम ज़रा

ये जुदाई जान लेकर जायेगी
आस मिलने की बँधाओ तुम ज़रा

आ गया है साल देखो फिर नया
कर दुआऐं, मुस्कुराओ तुम ज़रा

हर किसी की क्यूँ नज़र लगती ‘अदिति’
स्याह इक टीका लगाओ तुम ज़रा

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लोधी डॉ. आशा ‘अदिति’
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Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....
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