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“अमर शहीद”

RAJESH BANCHHOR

RAJESH BANCHHOR

कविता

January 30, 2017

अन्याय हुआ शोले उठे
अब सभी शोर रूक जाएँगे !
सात दशक आजादी के जैसे
फिर बहार चमन में आएँगे !!
शहीद हुए जो मातृभूमि पर
यही शब्द रह जाएँगे !
वतन पर मिटने वालों के
बस यही निशाँ कहलाएँगे !!

Author
RAJESH BANCHHOR
"कुछ नया और बेहतर लिखने की चाह......" राजेश बन्छोर "राज" जन्मतिथि - 05 जून 1972 शिक्षा - सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सम्पर्क - वार्ड-2, पुरानी बस्ती हथखोज (भिलाई),पोस्ट - सुरडूंग, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़ 490024 मो. नं. - 7389577615 प्रकाशन... Read more
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